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एचआईवी संक्रमितों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश

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एचआईवी संक्रमितों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश



राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी वसुमना पंत ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश


चंद्रपुर, 6 जून: राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में चल रही विभिन्न स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी वसुमना पंत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों तक शासन की सभी योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए।

जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अतिरिक्त जिला शल्य चिकित्सक डॉ. भास्कर सोनारकर, जिला मातृत्व एवं बाल संगोपन अधिकारी स्नेहल कसारे, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. ललितकुमार पटले, महिला एवं बाल विकास अधिकारी मीनाक्षी भस्मे, नगर निगम के वैद्यकीय अधिकारी डॉ. अतुल चटकी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुमंत पानगंटीवार तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि उच्च जोखिम समूहों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि एचआईवी के साथ जीवन व्यतीत कर रहे प्रत्येक व्यक्ति को शासन की मुफ्त बस पास योजना, बाल संगोपन योजना, मिशन वात्सल्य योजना तथा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सुमंत पानगंटीवार ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय तक एचआईवी परामर्श एवं जांच की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित “मिशन एड्स सुरक्षा” अभियान की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।

बैठक में बताया गया कि ट्रांसजेंडर, एमएसएम तथा महिला यौनकर्मी जैसे उच्च जोखिम समूहों को अंत्योदय राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, संजय गांधी निराधार योजना एवं अन्य शासकीय योजनाओं से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर सामुदायिक संसाधन समूह का गठन किया गया है।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता बैठकें, 15 संवेदनशील गांवों में नुक्कड़ नाटक, फ्लैश मोब कार्यक्रम, महाविद्यालयों में रेड रिबन क्लब की स्थापना तथा एचआईवी संक्रमित बच्चों को पौष्टिक आहार वितरण जैसे अनेक जनजागरण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

बैठक में संबोधन ट्रस्ट, संकल्प बहुउद्देशीय ग्राम विकास संस्था, नोबल शिक्षण संस्था, क्राइस्ट हॉस्पिटल, प्लान इंडिया सहित विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

जिलाधिकारी ने कहा कि एड्स नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी विभागों और संस्थाओं को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

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