भाजपा से जुड़ी दो महिला पदाधिकारी गिरफ्तार, जांच की आंच राजनीति तक पहुंची
मानव तस्करी, नाबालिग से दुष्कर्म और नवजात की कथित बिक्री के मामले में नई गिरफ्तारियां,
सोशल मीडिया पर नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल होने से बढ़ी राजनीतिक हलचल
चंद्रपुर
चंद्रपुर में सामने आए नवजात शिशु की कथित बिक्री और मानव तस्करी के सनसनीखेज मामले ने अब राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। मामले की जांच कर रही रामनगर पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी दो महिला पदाधिकारियों को दस्तावेजी प्रक्रिया में कथित भूमिका सामने आने के बाद गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि नवजात शिशु की कथित बिक्री से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने और अन्य प्रक्रियाओं में दोनों महिलाओं की भूमिका होने की आशंका है। इसी आधार पर भाजपा महिला मोर्चा से जुड़ी सायली येरने और भाग्यश्री हांडे को हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी अजय फुलजेले, पीड़ित नाबालिग की मां तथा नवजात शिशु को खरीदने के आरोप में दो महिलाओं को गिरफ्तार कर चुकी है। सभी आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम, मानव तस्करी सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
नाबालिग से दुष्कर्म, फिर नवजात बेचने की कथित साजिश
पुलिस जांच के मुताबिक, महिला के पति की मृत्यु के बाद उसका मुख्य आरोपी से संपर्क हुआ। आरोप है कि आरोपी ने महिला की 15 वर्षीय नाबालिग बेटी का यौन शोषण किया, जिससे वह गर्भवती हो गई। प्रसव के बाद नवजात शिशु को बेचने की कथित साजिश रची गई। जांच में यह भी सामने आया कि नाबालिग की पहचान छिपाने के लिए उसके बाल तक मुंडवा दिए गए थे।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों से बढ़ा सियासी विवाद
गिरफ्तार दोनों महिलाओं की तस्वीरें मुख्यमंत्री, भाजपा नेताओं, मंत्रियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इसके बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि किसी भी राजनीतिक दल या नेता की इस मामले में आपराधिक संलिप्तता की पुष्टि पुलिस ने नहीं की है और जांच जारी है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
रामनगर पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित मानव तस्करी और नवजात शिशु बिक्री मामले में कहीं कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं था। पुलिस सभी संभावित कड़ियों की जांच कर रही है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।