
वेकोलि मुंगोली खदान में चोरी का कथित खेल!
तांबा, लोहा और डीजल पर चोरों की नजर, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
घुग्घुस/चंद्रपुर | प्रतिनिधि
वेकोलि की मुंगोली कोयला खदान में तांबा, लोहा और डीजल की कथित बड़े पैमाने पर चोरी को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। आरोप है कि पिछले कई महीनों से खदान परिसर में चोरी का यह सिलसिला जारी है और इसमें कुछ MSF सुरक्षा कर्मियों की कथित मिलीभगत होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि रात के समय पेट्रोलिंग से पहले ही कुछ सुरक्षा कर्मियों द्वारा कथित रूप से चोरी में शामिल लोगों तक पेट्रोलिंग की जानकारी पहुंचाई जाती है। आरोप यह भी है कि कुछ MSF जवानों ने कथित तौर पर तांबा, लोहा और डीजल की चोरी करने वाले लोगों से सांठगांठ कर रखी है।
सुरक्षा के नाम पर लापरवाही या मिलीभगत?
मुंगोली खदान में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारियों पर ही सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ सुरक्षा रक्षक अपने कर्तव्य का पालन करने के बजाय कथित रूप से चोरी की गतिविधियों को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
इस मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग वेकोलि के महाप्रबंधक और सुरक्षा अधिकारियों से की जा रही है।
पहले भी सामने आ चुका है चोरी का मामला
बताया जाता है कि कुछ महीने पहले ट्रक से बैटरी, लोहा, डीजल और पहिए चोरी होने का मामला सामने आया था। इसके बावजूद अब मेंटेनेंस सेक्शन और कैंटीन के आसपास से कथित रूप से लोहा, तांबा और डीजल चोरी किए जाने के आरोप लग रहे हैं।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिन स्थानों पर बिना अनुमति निजी वाहनों का प्रवेश और उनका खड़ा रहना प्रतिबंधित है, वहां कथित तौर पर कुछ वाहन 24 घंटे तक बेखौफ खड़े दिखाई देने की शिकायत की जा रही है।
कंपनी के वाहनों से भी चोरी का आरोप
सूत्रों के अनुसार, कंपनी के कुछ पिकअप वाहनों के माध्यम से भी डीजल, लोहा और तांबा बाहर ले जाने की आशंका जताई जा रही है। इससे कंपनी को लाखों रुपये के नुकसान की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
वेकोलि प्रबंधन के सामने बड़ा सवाल
मुंगोली खदान में यदि चोरी की घटनाएं लगातार हो रही हैं, तो सुरक्षा व्यवस्था पर जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि CCTV फुटेज, गेट पास रिकॉर्ड, वाहन प्रवेश रजिस्टर, रात की पेट्रोलिंग का रिकॉर्ड और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच, मोबाइल काल डिटेल की जाए करे।
अब देखना यह होगा कि वेकोलि प्रबंधन इन गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और यदि जांच में किसी सुरक्षा कर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कितना सख्त कदम उठाया जाता है।ऐसे आरोप सिद्ध msf सुरक्षा रक्षक कि बदली तथा बाहर करने कि मांग नागरिक मे उठ रही हैं।
नोट: चोरी और मिलीभगत से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है; इसलिए संबंधित व्यक्तियों को दोषी ठहराने के बजाय जांच के निष्कर्ष के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए।










