
निजी वाहनों पर ‘पुलिस’ लिखना पड़ेगा भारी!
लाल पट्टी, पुलिस लोगो या विभागीय स्टिकर लगाया तो होगी कार्रवाई; नाकाबंदी और पेट्रोलिंग में विशेष जांच
चंद्रपुर | अतुल दिघाडे। निजी वाहनों पर ‘पुलिस’ लिखकर रौब जमाने वालों की अब खैर नहीं। निजी कार, जीप, दोपहिया या अन्य वाहनों पर पुलिस का नाम, लाल रंग की पट्टी, पुलिस विभाग का लोगो अथवा सरकारी पहचान दर्शाने वाले स्टिकर लगाकर घूमने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) ने राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों, जिला पुलिस अधीक्षकों और महामार्ग पुलिस अधीक्षकों को ऐसे वाहनों की जांच कर दंडात्मक एवं आवश्यकतानुसार फौजदारी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस की पहचान का ‘रौब’ दिखाना बंद!
कई निजी वाहनों पर वाहन मालिकों द्वारा लाल पट्टी में ‘पुलिस’ लिखे जाने या पुलिस विभाग के लोगो का इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। इतना ही नहीं, पुलिस कर्मचारियों के परिजन, रिश्तेदार अथवा अन्य लोग भी कथित तौर पर पुलिस से संबंध होने का प्रभाव दिखाने के लिए निजी वाहनों पर ऐसी पहचान का इस्तेमाल करते हैं।
प्रशासन के मुताबिक, इससे आम नागरिकों में भ्रम पैदा होता है और पुलिस विभाग की छवि भी प्रभावित होती है।
कार्रवाई से बचने के लिए ‘पुलिस’ की आड़!
सबसे गंभीर बात यह है कि कुछ निजी वाहनों पर पुलिस की पहचान का इस्तेमाल कर यात्री और माल परिवहन किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। वाहन को नाकाबंदी या जांच से बचाने तथा पुलिस का दबदबा दिखाने के लिए ऐसे चिन्हों का इस्तेमाल किया जाता है। प्रशासन ने इस तरह के दुरुपयोग को गंभीरता से लिया है।
नाकाबंदी से लेकर रात की गश्त तक होगी जांच
अब नियमित नाकाबंदी, यातायात जांच और रात की पेट्रोलिंग के दौरान ऐसे वाहनों पर विशेष नजर रखी जाएगी। निजी वाहन पर पुलिस का नाम, विभागीय प्रतीक अथवा ऐसा कोई चिन्ह पाया गया जो वाहन को आधिकारिक पुलिस वाहन जैसा दर्शाता हो, तो वाहनधारक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिसकर्मियों के निजी वाहनों पर भी नजर
नए निर्देशों का दायरा केवल आम नागरिकों तक सीमित नहीं है। पुलिस विभाग में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के निजी वाहनों पर भी अनधिकृत रूप से ‘पुलिस’ लिखे स्टिकर, पट्टियां अथवा लोगो पाए जाने पर उन्हें हटाना होगा और नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
चंद्रपुर जिले में करीब 2,500 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में नए निर्देशों के बाद निजी वाहनों पर लगे पुलिस संबंधी अनधिकृत चिन्हों को हटाने की कार्रवाई पर भी जोर दिया जा रहा है।
नियम तोड़ा तो जुर्माना, गंभीर मामले में FIR
निजी वाहन पर पुलिस का नाम अथवा लोगो इस्तेमाल करने के मामले में मोटर वाहन कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यदि ऐसे चिन्हों का इस्तेमाल लोगों को गुमराह करने, दबाव बनाने, धोखाधड़ी या पुलिस अधिकारी होने का झूठा प्रभाव पैदा करने के लिए किया गया हो, तो मामले की परिस्थितियों के अनुसार संबंधित आपराधिक धाराओं में भी कार्रवाई हो सकती है।
सरकारी काम के अधिकृत वाहनों को ही छूट
निर्देशों के अनुसार पुलिस विभाग के अधिकृत सरकारी वाहनों के अलावा निजी वाहनों पर पुलिस विभाग की पहचान या प्रतीक चिन्ह का अनधिकृत इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे वाहन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
‘पुलिस’ लिखकर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर भी शिकंजा
महामार्ग पुलिस द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। पुलिस ने वाहनधारकों से अपील की है कि पुलिस की पहचान का दुरुपयोग कर कानून से बचने की कोशिश न करें। नियम सभी के लिए समान हैं और उल्लंघन करने पर कार्रवाई तय है।
“निजी वाहन पर ‘पुलिस’ लिखना या पुलिस विभाग की पहचान का अनधिकृत इस्तेमाल करना गलत है। नागरिकों को ऐसे किसी भी प्रकार के दुरुपयोग से बचना चाहिए।”
— माया चाटसे, सहायक पुलिस निरीक्षक, महामार्ग पुलिस, चंद्रपुर










