प्रदूषण नियंत्रण से लेकर मंदिर विकास तक—लंबित मुद्दों पर प्रशासन को कड़े निर्देश
आमदार किशोर जोरगेवार ने प्रशासन को फटकार लगाई।
चंद्रपुर:
मतदान क्षेत्र के विभिन्न लंबित मुद्दों को लेकर आज जिला कलेक्टर कार्यालय के बीस सूत्रीय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि जनता से जुड़े मुद्दे अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर उनका त्वरित समाधान होना चाहिए। नागरिकों ने जो विश्वास जनप्रतिनिधियों पर जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह होकर कार्य करना होगा।
बैठक में बेलसनी स्थित कोल वॉशरी से हो रहे प्रदूषण के कारण प्रभावित किसानों को त्वरित मुआवजा देने, श्री माता महाकाली मंदिर को ‘बी’ श्रेणी का दर्जा प्रदान करने तथा मंदिर परिसर के समग्र विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए। साथ ही चैत्र नवरात्र यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापना कार्य को शीघ्र पूरा करने, बाबूपेठ स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर नगर में विपश्यना केंद्र के प्रस्ताव पर तात्कालिक कार्रवाई करने तथा पात्र लाभार्थियों को भू-पट्टों का त्वरित वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश विधायक किशोर जोरगेवार ने प्रशासन को दिए गए।
मंदिर परिसर विकास से जुड़े प्रस्ताव में जो भी तकनीकी त्रुटियां हैं, उन्हें तत्काल दूर कर संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजने के स्पष्ट आदेश दिए गए। साथ ही क्षेत्र की विभिन्न पायाभूत सुविधाओं—सड़क, पानी, प्रकाश व्यवस्था—आदि के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने की बात कही गई।
बैठक में जिला कलेक्टर विनय गौडा, चंद्रपुर मनपा आयुक्त नरेश अकुनुरी, उपविभागीय अधिकारी विशालकुमार मेश्राम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
बैठक में स्पष्ट चंद्रपुर विधायक किशोर जोरगेवार ने संदेश दिया गया कि अब विकास कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक विभाग तय समयसीमा में ठोस परिणाम प्रस्तुत करे।