चंद्रपुर | 03 फरवरी 2026
चंद्रपुर में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। अतिक्रमण की शिकायत करने का साहस दिखाने वाले एक पत्रकार पर दबंगों ने घर में घुसकर जानलेवा हमला कर दिया। यह हमला किसी सड़क या सुनसान जगह पर नहीं, बल्कि उनके अपने घर में, परिवार के सामने किया गया।
स्थानीय दैनिक नवराष्ट्र निर्माण के जिला विशेष प्रतिनिधि योगेश मुऱ्हेकर पर चार से पांच हमलावरों ने अचानक धावा बोला। बताया जा रहा है कि आरोपी नशे में धुत थे और सीधा घर में घुसकर गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। परिवार के सामने की गई इस बर्बर हरकत ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
शिकायत की सजा — खून से चुकाने की कोशिश?
सूत्रों के मुताबिक, करीब चार महीने पहले योगेश मुऱ्हेकर ने सरकारी जमीन पर चल रहे कथित अतिक्रमण को लेकर प्रशासन से लिखित शिकायत की थी। आरोप है कि इसी शिकायत से बौखलाए संबंधित मटन दुकान संचालक ने रंजिश पाल रखी थी।
मामूली विवाद को जानबूझकर हवा दी गई और फिर बाहर से युवकों को बुलाकर हमला करवाया गया। सवाल साफ है — क्या अतिक्रमण उजागर करना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है? “पत्रकार भी सुरक्षित नहीं?” शहर में उबाल
घटना के बाद शहर में तीव्र आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि अगर घर में घुसकर पत्रकार पर हमला हो सकता है, तो आम आदमी की सुरक्षा की क्या गारंटी है?
यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि सच और लोकतंत्र की आवाज पर सीधा वार है।
पुलिस हरकत में, जांच शुरू घटना की शिकायत तुरंत रामनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला कायम कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। लेकिन अब जनता की नजर इस बात पर है कि कार्रवाई कितनी सख्त और कितनी तेजी से होती है।
पत्रकार संगठनों का अल्टीमेटम
विभिन्न पत्रकार संगठनों ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
साफ चेतावनी दी गई है कि यदि आरोपियों को संरक्षण देने की कोशिश हुई, तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
चंद्रपुर में यह घटना एक चेतावनी है —
अगर सच लिखने वालों को ही निशाना बनाया जाएगा, तो लोकतंत्र की नींव कैसे मजबूत रहेगी?
अब सवाल प्रशासन से है — क्या यह मामला भी ठंडे बस्ते में जाएगा, या फिर दोषियों को कानून का असली चेहरा दिखाया जाएगा?