सांसद प्रतिभा धानोरकर ने उठाए पर्यावरण और किसानों के मुद्दे कोयला मंत्री से मुलाकात
परियोजना रद्द करने और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग
चंद्रपुर/नई दिल्ली: चंद्रपुर जिले के लोहाडोंगरी क्षेत्र में प्रस्तावित खनन परियोजना को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। सांसद Pratibha Dhanorkar ने नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला मंत्री G. Kishan Reddy से मुलाकात कर इस परियोजना से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और वेकोली क्षेत्रों के किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
सांसद ने बताया कि लोहाडोंगरी क्षेत्र एक महत्वपूर्ण टाइगर कॉरिडोर (व्याघ्र भ्रमण मार्ग) है। ऐसे में यहां खनन शुरू होने से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट होगा और मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने का खतरा है। उन्होंने इस परियोजना को “विनाशकारी” बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की।
मुलाकात के दौरान उन्होंने वेकोली के वणी, बल्लारपुर, माजरी और वणी-नॉर्थ क्षेत्रों के किसानों की समस्याएं भी मंत्री के सामने रखीं। उन्होंने बताया कि पवन खदान, विरूर-गाडेगांव, पैनगंगा और निलजई सहित कई परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई, लेकिन तकनीकी कारणों से अब तक पूरी जमीन का अधिग्रहण नहीं हो सका है। इससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि अधूरी जमीन पर खेती करना संभव नहीं रह गया है।
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि वेकोली द्वारा खदानों से निकली मिट्टी के ढेर खेतों के पास डाल दिए गए हैं और कई स्थानों पर खेतों तक जाने वाले रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा, नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बदलाव के कारण भी खेती प्रभावित हो रही है।
इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए सांसद ने केंद्रीय मंत्री से वेकोली के अध्यक्ष और सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधकों की उपस्थिति में एक संयुक्त बैठक जल्द बुलाने की मांग की है, ताकि स्थायी समाधान निकाला जा सके।
इस पर केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और किसानों के हितों की रक्षा प्राथमिकता में शामिल है।
सांसद प्रतिभा धानोरकर ने उम्मीद जताई कि इस पहल से जिले के किसानों और पर्यावरण से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी। उनके इस प्रयास से क्षेत्र में उम्मीद का माहौल बना हुआ है।