16 अप्रैल को चंद्रपुर ,घुग्घुस दौरे पर आएंगी मंत्री पंकजा मुंडे
प्रदूषण और पशुपालक मुद्दों पर होगा फोकस
चंद्रपुर, 14 अप्रैल:
महाराष्ट्र की पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन एवं पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे 16 अप्रैल 2026 को चंद्रपुर जिले के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वे जिले में बढ़ते प्रदूषण और पशुपालकों की समस्याओं का जायजा लेंगी।
दौरा कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:
सुबह 10:00 बजे शासकीय विश्रामगृह, चंद्रपुर में आगमन।
सुबह 11:00 बजे चंद्रपुर महाऔष्णिक विद्युत केंद्र, दुर्गापुर में प्रदूषण का निरीक्षण और नागरिकों से मुलाकात।
दोपहर 12:00 बजे बेलसणी,घुग्घुस में कोल वॉशरी का निरीक्षण।
दोपहर 12:30 से 2:30 बजे तक विधायक सुधीर मुनगंटीवार के निवास स्थान पर आरक्षित कार्यक्रम।
दोपहर 2:30 बजे भिवापुर में आगमन, झरपट नदी के प्रदूषण की स्थिति का निरीक्षण।
दोपहर 3:00 बजे नियोजन भवन में प्रदूषण मुद्दों पर अधिकारियों के साथ बैठक।
दोपहर 3:30 बजे पशुपालकों की समस्याओं पर समीक्षा बैठक।
शाम 4:00 बजे गडचांदूर के लिए प्रस्थान।
शाम 5:00 बजे गडचांदूर पहुंचकर UltraTech Cement, माणिकगढ़ प्रोजेक्ट का निरीक्षण और जनसंवाद।
शाम 6:00 बजे विसापुर स्थित बॉटनिकल गार्डन के लिए प्रस्थान।
शाम 7:00 बजे प्रमुख नागरिकों के साथ प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर चर्चा।
रात 7:30 बजे ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के लिए प्रस्थान।
रात 9:00 बजे ताडोबा में आगमन और विश्राम प्रदूषण पर विशेष फोकस।
दौरे के दौरान मंत्री पंकजा मुंडे चंद्रपुर महाऔष्णिक विद्युत केंद्र, बेलसणी की कोल वॉशरी और गडचांदूर स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्रकल्प का दौरा कर प्रदूषण की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगी। इसके साथ ही भिवापुर क्षेत्र की नदियों में बढ़ते प्रदूषण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
बैठकों में तय होंगी ठोस रणनीतियां
नियोजन भवन में आयोजित बैठकों में जिले के प्रदूषण से जुड़े मुद्दों और पशुपालकों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा होगी। अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावी और ठोस उपाय योजनाएं तय किए जाने पर जोर रहेगा।
मुनगंटीवार के प्रयासों से संभव हुआ दौरा
बताया जा रहा है कि चंद्रपुर जिले में बढ़ते प्रदूषण के मुद्दे को लेकर विधायक सुधीर मुनगंटीवार द्वारा किए गए लगातार और प्रभावी प्रयासों के चलते यह दौरा संभव हुआ है। इस दौरे से जिले के पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान को लेकर ठोस फैसले होने की उम्मीद जताई जा रही है।