Home Breaking News चंद्रपुर में ‘शाम-ए-ग़ज़ल’ की महफिल: सृजन का 204वां कार्यक्रम

चंद्रपुर में ‘शाम-ए-ग़ज़ल’ की महफिल: सृजन का 204वां कार्यक्रम

114

चंद्रपुर में ‘शाम-ए-ग़ज़ल’ की महफिल: सृजन का 204वां कार्यक्रम



संगीत प्रेमियों के लिए खास आयोजन


चंद्रपुर | कला और संगीत के प्रति समर्पित मंच “सृजन” एक बार फिर नए अंदाज में शहर के रसिकों के सामने आ ने जा रहा है। हर महीने एक नई संकल्पना के साथ आयोजन करने वाली सृजन संस्था अपना लगातार 204वां मासिक कार्यक्रम और 20वीं संगीत महफिल 26 अप्रैल को आयोजित करने जा रही है।

यह कार्यक्रम शाम 6:30 बजे न्यू इंडिया कॉन्वेंट हाईस्कूल, चंद्रपुर में “शाम-ए-ग़ज़ल” शीर्षक के तहत आयोजित होगा

इस खास ग़ज़ल संध्या का संचालन पत्रकार कु. माधुरी कटकोजवार करेंगी, जबकि कार्यक्रम का निवेदन सुखदा बोझावार द्वारा किया जाएगा।

इस महफिल में शहर के प्रतिभाशाली कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिनमें:

हेमंत शेंडे,प्रशांत श्यामकुवर,शुभम लोखंडे,अथर्व सतीश कवरासे,नीता उत्तरवार,मुक्ता बोझावार,शामिल हैं।

संगीत को और सुरमय बनाने के लिए

 तबले पर सतीश कवरासे, ऑक्टोपैड पर शेखर बोल्लम संगत देंगे।बिना मानधन, सिर्फ कला के लिए समर्पण

सृजन की सबसे खास बात यह है कि यहां कलाकार बिना किसी मानधन के, केवल अपनी सामाजिक जिम्मेदारी और कला के प्रति प्रेम के कारण भाग लेते हैं।

“आनंद देना और लेना” – यही इस मंच का मूल उद्देश्य है।

 स्थानीय कलाकारों को मिलता है मंच

सृजन मंच पर अब तक कई स्थानीय और उभरते कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं।

डॉ. शाम गुंडावार, सुरेखा दुधलकर, योगिनी देगमवार, अनंत धूम्रकेत, मृणाल विश्वास, दीपक-लता राईरकर, शशी-संजय राजगडे, राहुल सूर्यवंशी, मनीषा पडगीलवार जैसे कलाकारों की प्रस्तुतियां यहां सराही जा चुकी हैं।

“एक महीना – एक कार्यक्रम” के संकल्प के साथ सृजन की यह यात्रा लगातार आगे बढ़ रही है।

यह मंच न केवल स्थापित कलाकारों, बल्कि नवोदित प्रतिभाओं को भी अपनी कला दिखाने का अवसर देता है।

सृजन का यह आयोजन बिना किसी औपचारिक निमंत्रण के होता है, जहां हर संगीत प्रेमी का स्वागत है।

अगर आप ग़ज़लों के शौकीन हैं, तो यह महफिल आपके लिए खास होने वाली है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here