संगीत महफिल के जरिए आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि
पांढरकवडा | सांस्कृतिक रिपोर्ट सिने संगीत शौकीन मंच और कराओके क्लब की ओर से महान गायिका आशा भोसले को एक भव्य संगीत कार्यक्रम के माध्यम से भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह कार्यक्रम पांढरकवडा स्थित अग्रसेन भवन में अत्यंत भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजक विजय कोंडावार, सौ. चंदाताई कोंडावार, अनुप कोंडावार, सौ. योगिता कोंडावार तथा संयोजक दीपक अण्णा कापर्तीवार, प्रेमराव वखरे और शंकर सातपुते की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन और गणेश पूजन के साथ हुआ।
आशा जी के योगदान को किया याद
कार्यक्रम की निवेदिका सौ. तेजश्री मानेकर ने आशा भोसले के संगीत जगत में योगदान पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन और कार्य की महत्ता बताई। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में करीब 38 गायक-गायिकाओं ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन मोह लिया। करीब 100 से अधिक संगीत प्रेमियों ने इस संगीत महफिल का आनंद लिया।
श्रोताओं के बीच “न भूतो, न भविष्यति” जैसी शानदार प्रस्तुति की चर्चा सुनाई दी।
सिने संगीत शौकीन मंच के मुख्य संयोजक दीपक अण्णा कापर्तीवार ने बताया कि यह कराओके क्लब का सातवां कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य घर-घर में छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है।
इस कार्यक्रम का आयोजन अनुप कोंडावार और उनकी पत्नी सौ. योगिता कोंडावार द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं के लिए कच्चे आम का पना, कार्यक्रम के बाद आइसक्रीम और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे आयोजन और भी यादगार बन गया।
कार्यक्रम का संचालन सौ. तेजश्री मानेकर ने हिंदी और मराठी में अपनी प्रभावशाली शैली में किया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहाना किया।
कार्यक्रम की सफलता के लिए अनुप कोंडावार, विजयभाऊ कोंडावार, दीपक अण्णा कापर्तीवार, जमीर शेख, नितीन धांदे सहित कई लोगों ने विशेष परिश्रम किया।