स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग तेज
जिलाधिकारी की बैठक में रोशन हरबड़े ने उठाई आवाज, परप्रांतीय भर्ती पर जताई आपत्ति
रोजगार नहीं मिला तो फिर शुरू होगा आंदोलन और आमरण अनशन की चेतावनी
चंद्रपुर, : चंद्रपुर जिलाधिकारी कार्यालय में 10 जून को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में स्थानीय युवाओं और अनुभवी कामगारों को रोजगार में प्राथमिकता देने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के तकनीकी निदेशक आनंदजी प्रसाद, विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
यह बैठक स्थानीय कामगार नेता रोशन हरबड़े के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन की पृष्ठभूमि में आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान रोशन हरबड़े ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मिट्टी एवं कोयला उत्खनन कार्य करने वाली ठेका कंपनियों में स्थानीय तथा अनुभवी कामगारों को प्राथमिकता देने की जोरदार मांग की।
उन्होंने कहा कि वर्षों से स्थानीय बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। रोजगार के अवसर होने के बावजूद बाहरी राज्यों के लोगों की भर्ती की जा रही है, जबकि स्थानीय युवक रोजगार से वंचित हैं। इस मुद्दे को प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के समक्ष मजबूती से रखा गया तथा परप्रांतीय भर्ती पर नियंत्रण लगाकर स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की गई।
बैठक में कामगारों की ओर से स्पष्ट किया गया कि केवल बैठकों और आश्वासनों से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि अब ठोस और अंतिम निर्णय की आवश्यकता है। पिछले कई दिनों से स्थानीय बेरोजगार युवाओं और कामगारों द्वारा आमरण अनशन, धरना-प्रदर्शन और विभिन्न लोकतांत्रिक माध्यमों से आंदोलन किया जा रहा है, जिसके बाद यह मुद्दा प्रशासन और डब्ल्यूसीएल प्रबंधन के स्तर तक पहुंचा है।
रोशन हरबड़े ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्थानीय एवं अनुभवी कामगारों को तत्काल रोजगार नहीं दिया गया और बाहरी भर्ती पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर पुनः आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देना केवल सामाजिक न्याय का विषय नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और स्थिरता के लिए भी आवश्यक है। अब कामगारों और बेरोजगार युवाओं को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि रोजगार के रूप में ठोस परिणाम चाहिए।
बैठक में स्थानीय रोजगार, श्रमिक हितों और क्षेत्रीय युवाओं के भविष्य को लेकर व्यापक चर्चा हुई। कामगारों ने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है। :::