महिला सशक्तिकरण मेले में दी गई सरकारी योजनाओं की जानकारी
कोरपना में आदिवासी विकास विभाग का आयोजन, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का आह्वान
चंद्रपुर, ()12 जून: एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना, चंद्रपुर की ओर से कोरपना स्थित स्वर्गीय भाऊराव चटप माध्यमिक आश्रमशाला में वीरांगना रानी दुर्गावती महिला सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण मेले का आयोजन किया गया। मेले का उद्देश्य आदिवासी महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता परियोजना अधिकारी विकास राचेलवार ने की। इस अवसर पर कोरपना की तहसीलदार पल्लवी आखरे, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मीनाक्षी भस्मे, जिला उद्योग केंद्र की प्रतिनिधि निलिमा घरट तथा उमेद अभियान के मोहित नैताम विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में परियोजना अधिकारी विकास राचेलवार ने आदिवासी महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आदिवासी विकास विभाग, उमेद और माविम के सहयोग से महिलाओं के लिए नए बचत समूह गठित किए जाएंगे। इन समूहों को आरसेटी, जिला उद्योग केंद्र और आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती योजना के अंतर्गत नए महिला बचत समूहों की स्थापना कर महिलाओं को 100 प्रतिशत अनुदान वाली योजनाओं का लाभ दिया जाएगा, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।
तहसीलदार पल्लवी आखरे ने महिलाओं को संजय गांधी निराधार अनुदान योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, श्रावणबाळ सेवा राज्य पेंशन योजना तथा राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र महिलाओं से इनका लाभ लेने की अपील की।
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मीनाक्षी भस्मे ने ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ योजना की जानकारी देते हुए बताया कि घरेलू हिंसा और अत्याचार से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा सहायता, कानूनी सलाह और परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
जिला उद्योग केंद्र की प्रतिनिधि निलिमा घरट ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और उद्योग स्थापित करने हेतु उपलब्ध आर्थिक सहायता की जानकारी दी। वहीं उमेद अभियान के मोहित नैताम ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को बिना ब्याज ऋण, नि:शुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण और उत्पादों के विपणन की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका प्रीति कुत्तरमारे ने किया तथा आभार प्रदर्शन सहायक परियोजना अधिकारी राजीव बोंगीरवार ने किया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में महिला लाभार्थी उपस्थित थीं।