चंद्रपुर जिले में अपराध और अवैध कारोबार रोकने के लिए जनजागरण ही सबसे प्रभावी उपाय
राजुरा/चंद्रपुर : चंद्रपुर जिले में बढ़ते अपराध, अवैध शराब बिक्री, गुटखा तस्करी, जुआ, मटका, रेत तस्करी, गौण खनिजों के अवैध उत्खनन तथा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के कारण सामाजिक, आर्थिक और कानून-व्यवस्था से जुड़ी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इन समस्याओं पर केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है।
जिले के प्रत्येक तहसील एवं ग्रामीण स्तर पर प्रशासन, पुलिस विभाग, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा नागरिकों के संयुक्त प्रयास से व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। गांव-गांव में बैठकें, चर्चा सत्र, नुक्कड़ नाटक, स्कूल-कॉलेजों में मार्गदर्शन कार्यक्रम तथा ग्राम सभाओं के माध्यम से अवैध धंधों के दुष्परिणामों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
अक्सर देखा जाता है कि अवैध कारोबारों को स्थानीय स्तर पर मौन समर्थन मिलता है या फिर लोग भय के कारण विरोध नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति में नागरिकों के लिए गोपनीय शिकायत दर्ज कराने की विश्वसनीय व्यवस्था विकसित करना बेहद जरूरी है। साथ ही पुलिस और प्रशासन को भी नागरिकों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुनना चाहिए।
विशेष रूप से युवाओं को नशामुक्ति, कानून के पालन और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जाए तो अपराध की ओर बढ़ने की प्रवृत्ति को काफी हद तक रोका जा सकता है। वहीं महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को भी इस अभियान से जोड़कर गांव स्तर पर प्रभावी जनजागरण किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध और अवैध कारोबार पर नियंत्रण के लिए केवल छापेमारी और मुकदमे दर्ज करना स्थायी समाधान नहीं है। जब तक समाज का प्रत्येक वर्ग जागरूक होकर ऐसी गतिविधियों का विरोध नहीं करेगा, तब तक इन पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाना कठिन होगा।
इसीलिए चंद्रपुर जिले के सभी तहसीलों में “जनसंवाद एवं जनजागरण अभियान” चलाने की आवश्यकता है। यदि जनता जागरूक हुई तो अपराध और अवैध धंधों की जड़ें स्वतः कमजोर पड़ जाएंगी। क्योंकि किसी भी अवैध कारोबार की सबसे बड़ी ताकत समाज की उदासीनता होती है, जबकि उसका सबसे बड़ा दुश्मन जागरूक और जिम्मेदार नागरिक होता है।