भटाली के किसानों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए : विधायक सुधीर मुनगंटीवार
कोयला प्रदूषण, फसल नुकसान और पुनर्वास के मुद्दे पर प्रशासन को दिए निर्देश
वैज्ञानिक मुआवजा नीति बनाने की मांग, स्थानीय रोजगार का मुद्दा केंद्र सरकार के सामने उठाने का ऐलान
चंद्रपुर | विशेष प्रतिनिधि
भटाली क्षेत्र में कोयला खनन और प्रदूषण से प्रभावित किसानों, ग्रामीणों और विस्थापन की समस्या को लेकर विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि भटाली के किसानों और ग्रामीणों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रदूषण, फसल नुकसान, घरों में दरारें और रोजगार संकट झेल रहे लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान अब आवश्यक हो गया है।
इसी उद्देश्य से महाराष्ट्र शासन के अपर मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खारगे की उपस्थिति में भटाली क्षेत्र का संयुक्त दौरा कर प्रभावित किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान विधायक मुनगंटीवार ने कहा कि वेकोलि की ओपन कास्ट खदानों के कारण भटाली क्षेत्र में ओवरबर्डन का विशाल पहाड़ खड़ा हो गया है। इसके चलते बरसात का पानी गांवों और खेतों में घुस जाता है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। वहीं खदानों में होने वाली ब्लास्टिंग से अनेक मकानों में दरारें आ गई हैं, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों और नागरिकों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए तथा भटाली गांव के पुनर्वास की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाना चाहिए।
रोजगार और जमीन का सवाल भी गंभीर
विधायक मुनगंटीवार ने कहा कि ओवरबर्डन के नीचे किसानों की जमीन दब जाने से आजीविका का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वेकोलि द्वारा अधिग्रहित जमीनों का पूरा विवरण तैयार किया जाए और प्रभावित परिवारों के रोजगार के लिए ठोस योजना बनाई जाए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ओवरबर्डन हटाकर जमीन को समतल किया जाए, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाए और भविष्य में उसे पुनः खेती योग्य बनाने के लिए विशेष योजना लागू की जाए।
फसल नुकसान के लिए बने वैज्ञानिक मुआवजा नीति
मुनगंटीवार ने कहा कि कोयला धूल और प्रदूषण के कारण किसानों की फसलें लगातार प्रभावित हो रही हैं। इसलिए सरकार को वैज्ञानिक और तर्कसंगत आधार पर नुकसान का आकलन करने तथा मुआवजा देने के लिए स्पष्ट नीति तैयार करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव विकास खारगे की अध्यक्षता में गठित समिति इस विषय पर अध्ययन कर रही है और इससे किसानों को न्याय दिलाने का रास्ता खुलेगा।
केंद्रीय मंत्री के सामने उठेगा पुनर्वास और रोजगार का मुद्दा
विधायक मुनगंटीवार ने कहा कि केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी के चंद्रपुर दौरे के दौरान भटाली गांव के पुनर्वास, किसानों की फसल क्षति, उचित मुआवजा और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकास खारगे समिति द्वारा तैयार किया जाने वाला अहवाल राज्य के लिए मार्गदर्शक साबित होगा और भविष्य में प्रदूषण प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
संविधान की प्रति भेंट कर ग्रामीणों ने किया स्वागत
दौरे के दौरान भटाली के ग्रामीणों ने विधायक सुधीर मुनगंटीवार का संविधान की प्रति भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
विकास खारगे बोले – वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर बनेगा अहवाल
अपर मुख्य सचिव विकास खारगे ने कहा कि कोयला प्रदूषण का फसलों पर पड़ने वाला प्रभाव गंभीर विषय है और इसका वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि किसानों, ग्रामीणों, वेकोलि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर वस्तुनिष्ठ रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोयला प्रदूषण से फसल नुकसान के संबंध में कोई स्पष्ट नीति या कानूनी व्यवस्था मौजूद नहीं है। विधायक सुधीर मुनगंटीवार के लगातार प्रयासों के कारण ही इस विषय पर समिति का गठन किया गया है।
दुर्गापुर रोप-वे प्रदूषण पर भी सख्त रुख
दौरे के दौरान विधायक सुधीर मुनगंटीवार और अपर मुख्य सचिव विकास खारगे ने दुर्गापुर रोप-वे क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। यहां सीएसटीपीएस को कोयला पहुंचाने वाले रोप-वे के बंकरों से उड़ने वाली कोयले की महीन धूल के कारण गंभीर प्रदूषण पाए जाने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई।
स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ रहे दुष्प्रभावों की जानकारी दी। इसके बाद वेकोलि प्रशासन को प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल प्रभावी उपाय लागू करने तथा तकनीकी सुधार कर कोयले की धूल के उत्सर्जन को रोकने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।










