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आ. सुधीर मुनगंटीवार की पहल से चंद्रपुर के मत्स्य व्यवसाय को मिलेगी नई उड़ान

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आ. सुधीर मुनगंटीवार की पहल से चंद्रपुर के मत्स्य व्यवसाय को मिलेगी नई उड़ान



3 करोड़ झींगा बीज परियोजना पर 25 जून को मंत्रालय में होगी उच्चस्तरीय बैठक


मुंबई/चंद्रपुर, 20 जून।

चंद्रपुर जिले में झींगा पालन (टाइगर प्रॉन्स) व्यवसाय को बढ़ावा देने और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से विधायक सुधीर मुनगंटीवार के सतत प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। मत्स्य व्यवसाय विभाग ने इस विषय पर मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है।

मत्स्य व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे की अध्यक्षता में आगामी 25 जून को शाम 5 बजे मंत्रालय, मुंबई में बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में चंद्रपुर जिले के लिए लगभग 3 करोड़ उच्च गुणवत्ता वाले टाइगर प्रॉन्स (झींगा) बीज उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा होगी। इस पहल से जिले में झींगा पालन व्यवसाय को नई दिशा मिलने और हजारों मत्स्य पालकों को लाभ पहुंचने की उम्मीद है।

झींगा पालन को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने चंद्रपुर जिले के तालाबों, जलाशयों और अन्य जलस्रोतों का प्रभावी उपयोग कर मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन करने तथा मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए राज्य सरकार के समक्ष विशेष मांग रखी थी। उनके इसी प्रयास के परिणामस्वरूप विभाग ने मंत्रालय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।

बैठक में मत्स्य व्यवसाय विभाग के सचिव, आयुक्त, महाराष्ट्र मत्स्योद्योग विकास महामंडल के प्रबंध निदेशक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। बैठक में झींगा पालन व्यवसाय के विस्तार, बीज उपलब्धता, उत्पादन वृद्धि तथा मत्स्य पालकों को तकनीकी सहायता प्रदान करने जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।

मत्स्य क्षेत्र में मुनगंटीवार के ऐतिहासिक फैसले

मत्स्य व्यवसाय मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान सुधीर मुनगंटीवार ने मछुआरा समुदाय और मत्स्य उद्योग के विकास के लिए कई दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय लिए थे।उनके कार्यकाल में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित मछुआरों को मुआवजा देने का देश का पहला निर्णय लिया गया। इसके अलावा मत्स्य व्यवसायियों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, डीजल अनुदान योजना, तालाब गहरीकरण को प्रोत्साहन, मत्स्य सहकारी संस्थाओं पर लागू 1500 किलोग्राम उत्पादन की अनिवार्यता समाप्त करना, तथा स्वतंत्र आर्थिक कल्याणकारी मंडल की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।

इसके साथ ही मत्स्य संरक्षण, मत्स्य बीज उत्पादन, प्रशिक्षण, विपणन, मूल्य संवर्धन तथा रोजगार सृजन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर राज्य के मत्स्य व्यवसाय को नई दिशा देने का कार्य किया गया।

मत्स्य पालकों को बड़ी उम्मीद

25 जून को होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक से चंद्रपुर जिले के मत्स्य पालकों को बड़ी उम्मीदें हैं। यदि 3 करोड़ झींगा बीज उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मंजूर होता है, तो जिले में मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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