WCL के CMD डॉ. हेमंत शरद पांडे का वणी क्षेत्र दौरा, खदानों का किया निरीक्षण
मानसून तैयारियों की समीक्षा, उत्पादन बढ़ाने और FMC परियोजना में तेजी लाने के दिए निर्देश
वणी/चंद्रपुर। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. हेमंत शरद पांडे ने शुक्रवार को वणी क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान विभिन्न कोयला खदानों का निरीक्षण कर उत्पादन, सुरक्षा व्यवस्था तथा मानसून पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षित, निर्बाध और गुणवत्ता पूर्ण खनन कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डॉ. पांडे ने पेंगंगा ओपनकास्ट, कोलगांव ओपनकास्ट और मुंगेली ओपनकास्ट खदानों का दौरा कर कोयला उत्पादन की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा प्रबंधन और मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने जल निकासी व्यवस्था, पोंटून सिस्टम, ढलानों की स्थिरता और अन्य सुरक्षा उपायों का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह दुरुस्त किए जाएं, ताकि उत्पादन पर किसी प्रकार का असर न पड़े।
निरीक्षण के दौरान CMD ने मुंगेली ओपनकास्ट खदान में निर्माणाधीन फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (FMC) परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि परियोजना का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर, उच्च गुणवत्ता और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पूरा किया जाए। साथ ही उन्होंने परियोजना को शीघ्र शुरू करने के लिए कार्य में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया।
डॉ. पांडे ने कहा कि उत्पादन, सुरक्षा और कार्य निष्पादन में उत्कृष्टता WCL की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।
गौरी दीप ओपनकास्ट में नए HEM पैच का शुभारंभ
अपने दौरे के दौरान डॉ. पांडे ने गौरी दीप ओपनकास्ट खदान का भी दौरा किया। उनकी उपस्थिति में क्षेत्रीय महाप्रबंधक आर. बी. ठाकरे ने KVRR इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. के माध्यम से नए HEM पैच पर खनन कार्य का विधिवत शुभारंभ किया।
बताया गया कि इस परियोजना के तहत अगले दो वर्षों में लगभग 20 लाख टन कोयला निकालने का लक्ष्य रखा गया है। इससे चालू वित्तीय वर्ष में करीब 6 लाख टन अतिरिक्त कोयला उत्पादन तथा 50 लाख घनमीटर ओवरबर्डन हटाने का कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर डॉ. पांडे ने उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने, मानसून के दौरान निर्बाध खनन जारी रखने और आधुनिक खनन तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया।