Home Breaking News कोरपना में सेतु व ऑनलाइन सेवा केंद्रों पर मनमानी वसूली का आरोप,...

कोरपना में सेतु व ऑनलाइन सेवा केंद्रों पर मनमानी वसूली का आरोप, दर सूची नहीं होने से नागरिकों का आर्थिक शोषण

110

कोरपना में सेतु व ऑनलाइन सेवा केंद्रों पर मनमानी वसूली का आरोप, दर सूची नहीं होने से नागरिकों का आर्थिक शोषण



‘रेड बोर्ड’ अनिवार्य करने की मांग तेज, सरकारी शुल्क से तीन-चार गुना तक वसूली की शिकायत


कोरपना (नितेश केराम)

कोरपना शहर सहित पूरे तालुका में संचालित सेतु सुविधा केंद्र, महा-ई-सेवा केंद्र और ‘आपले सरकार’ सेवा केंद्रों पर सरकारी सेवाओं के नाम पर कथित मनमानी वसूली का मामला सामने आया है। नागरिकों का आरोप है कि अधिकांश केंद्रों पर शासन द्वारा निर्धारित शुल्क सूची (रेड बोर्ड) प्रदर्शित नहीं की गई है, जिसके कारण संचालक अपनी मनमर्जी से शुल्क वसूल रहे हैं। इसे लेकर आम नागरिकों में भारी नाराजगी है और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग उठ रही है।

दर सूची नहीं, मनमानी वसूली जारी

सूचना के अधिकार और शासन के नियमों के अनुसार प्रत्येक अधिकृत सेवा केंद्र पर सभी सेवाओं के निर्धारित शुल्क का रेड बोर्ड प्रमुख स्थान पर लगाना अनिवार्य है। लेकिन कोरपना तालुका के अधिकांश केंद्रों पर ऐसा कोई बोर्ड दिखाई नहीं देता। इसका फायदा उठाकर संचालकों द्वारा नागरिकों से निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

20 से 100 रुपये की सेवा, वसूले जा रहे 200 से 500 रुपये

सूत्रों के अनुसार जाति प्रमाण पत्र, नॉन-क्रीमीलेयर प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, 7/12 उतारा, फेरफार नोंद, राशन कार्ड आवेदन जैसी सेवाओं के लिए शासन ने 20 से 100 रुपये तक का शुल्क निर्धारित किया है। लेकिन कई केंद्रों पर इन्हीं सेवाओं के लिए 200 से 500 रुपये तक वसूले जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

ग्रामीण और गरीब नागरिक बन रहे निशाना

ग्रामीण क्षेत्रों के अशिक्षित और जरूरतमंद लोगों को “काम जल्दी कराना है तो अतिरिक्त पैसे देने होंगे” कहकर कथित रूप से अधिक रकम वसूली जा रही है। डिजिटल जानकारी के अभाव में अधिकांश लोगों को वास्तविक सरकारी शुल्क की जानकारी नहीं होने से वे आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं।

नागरिकों की प्रमुख मांगें

 सभी सेवा केंद्रों पर शासन द्वारा निर्धारित रेड बोर्ड (शुल्क सूची) तत्काल अनिवार्य रूप से लगाया जाए।

तहसील प्रशासन विशेष अभियान चलाकर सभी केंद्रों की नियमित और औचक जांच करे।

– जहां शुल्क सूची नहीं लगी है या निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली की जा रही है, वहां कड़ी कार्रवाई कर लाइसेंस रद्द किया जाए। शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए तालुका स्तर पर हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए।

प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

सामाजिक संगठनों और नागरिकों का कहना है कि सेवा गारंटी कानून का प्रभावी पालन तभी संभव है, जब सेवा केंद्रों पर पूरी पारदर्शिता हो। यदि प्रत्येक केंद्र पर निर्धारित शुल्क सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाती है, तो मनमानी वसूली पर रोक लगेगी और नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा।

कोरपना के सेतु और महा-ई-सेवा केंद्रों पर मनमानी वसूली का आरोप, रेड बोर्ड अनिवार्य करने की उठी मांग”

“सरकारी शुल्क से तीन-चार गुना वसूली की शिकायत, तहसील प्रशासन से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here