पैगंबर मुहम्मद साहब पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राजुरा में विरोध,कार्रवाई की मांग
मुस्लिम समाज ने पुलिस को सौंपा ज्ञापन, कहा– धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों पर हो सख्त कानूनी कार्रवाई
राजुरा। पैगंबर मुहम्मद साहब के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के विरोध में राजुरा शहर का मुस्लिम समाज एकजुट होकर सामने आया। जामा मस्जिद राजुरा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस थाने पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि नाज़िया इलाही द्वारा सोशल मीडिया, यूट्यूब और सार्वजनिक मंचों पर इस्लाम तथा पैगंबर मुहम्मद साहब के संबंध में कथित रूप से ऐसे बयान दिए गए हैं, जिनसे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने और कानून के अनुरूप उचित कार्रवाई करने की मांग की।
मुस्लिम समाज ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद, तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न करना नहीं है। उन्होंने कहा कि वे संविधान और भारतीय कानून पर पूर्ण विश्वास रखते हैं तथा उसी के दायरे में रहकर न्याय की मांग कर रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि पैगंबर मुहम्मद साहब पूरे मुस्लिम समाज के लिए अत्यंत सम्मानित और पवित्र व्यक्तित्व हैं। उनके संबंध में किसी भी प्रकार की कथित अपमानजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द और धार्मिक भावनाओं को प्रभावित कर सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में समय रहते कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
ज्ञापन सौंपने वालों में इमाम साबिर नूरी, नावेद अंसारी, जहीर खान, ताजिन कुरैशी, जाकिर सिद्दीकी, ताजीम मोहम्मद, असलम शेख, हुसैन रिजवी, शाहिद अहमद, शाहिद शेख, अमन खान, अरबाज शेख, मुन्नू चौस, शोएब शेख, सलमान पठान, कादिर शेख, कामरान बियाबानी, सलीम शेख सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के नागरिक उपस्थित रहे।
“पैगंबर मुहम्मद साहब पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में मुस्लिम समाज का प्रदर्शन, पुलिस को सौंपा ज्ञापन”
“राजुरा में निष्पक्ष जांच और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की मांग, संविधान के दायरे में न्याय की अपील”