Home Breaking News एकोना-मार्डा कोयला खदान की ब्लास्टिंग से वरोरा में दहशत

एकोना-मार्डा कोयला खदान की ब्लास्टिंग से वरोरा में दहशत

34

एकोना-मार्डा कोयला खदान की ब्लास्टिंग से वरोरा में दहशत

घरों और व्यावसायिक इमारतों में दरारों की शिकायत; प्रशासन और WCL अधिकारियों की अहम बैठक

ब्लास्टिंग की तीव्रता पर नियंत्रण और प्रभावित मकानों के सर्वे के निर्देश

वरोरा, प्रतिनिधि। वरोरा शहर और आसपास के इलाकों में एकोना-मार्डा कोयला खदान में होने वाली तेज ब्लास्टिंग को लेकर नागरिकों की चिंता बढ़ती जा रही है। ब्लास्टिंग के दौरान महसूस होने वाले तेज कंपन और झटकों से घरों की दीवारों व खिड़कियों में कंपन होने के साथ-साथ कुछ मकानों और व्यावसायिक इमारतों में दरारें पड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। संभावित जान-माल के नुकसान को देखते हुए प्रशासन और WCL अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में खदान में होने वाली ब्लास्टिंग की तीव्रता बढ़ने के कारणों, कंपन से होने वाले संभावित नुकसान, नागरिकों की सुरक्षा तथा ब्लास्टिंग के समय, पद्धति और तीव्रता पर आवश्यक नियंत्रण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रभावित मकानों का होगा सर्वे

बैठक में ब्लास्टिंग से प्रभावित क्षेत्रों और मकानों की प्रशासन की ओर से प्रत्यक्ष जांच कर नुकसान का आकलन करने तथा ब्लास्टिंग से उत्पन्न होने वाले कंपन की जांच करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन के समक्ष यह मांग भी रखी गई कि भविष्य में ब्लास्टिंग के कारण नागरिकों को किसी प्रकार का खतरा न हो, इसके लिए तात्कालिक उपायों के साथ स्थायी समाधान किया जाए।

बैठक में सांसद प्रतिभाताई धानोरकर, विधायक करण देवतळे, उपविभागीय अधिकारी संदीप भस्के, तहसीलदार योगेश कोटकर, नगराध्यक्ष अर्चनाताई ठाकरे, मुख्याधिकारी गजानन मेश्राम, अभय लोहे, रोशनीताई भडके, गजानन जीवतोडे, एडवोकेट गजानन बोढाले, एडवोकेट ए.आर. जांभुळे, डॉ. आशीष पिसे, प्रा. पिटगुलवार, आशीष ठाकरे, अरविंद जीवतोडे, डॉ. प्रमोद गंपावार, विजय झाडे, विनोद डोमकावळे, सुधाकर हनुमंते, अरुण झाडे, दशरथ सोनकुंमरे, छोटूभाई शेख सहित संबंधित अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में स्पष्ट किया गया कि खदान की ब्लास्टिंग के कारण संभावित जीवित एवं आर्थिक नुकसान को रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है। नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ब्लास्टिंग की तीव्रता और उससे उत्पन्न कंपन पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।

अब निगाहें प्रशासन और WCL की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। नागरिकों को उम्मीद है कि बैठक के बाद ब्लास्टिंग की समस्या पर ठोस और स्थायी समाधान निकलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here