घुग्घुस में आठ फीट लंबे अजगर को सर्पमित्रों ने दिया जीवनदान
किशोर जोरगेवार के खेत में बायपास मार्ग के पास मिला अजगर; जीवनसृष्टि संस्था के सर्पमित्रों ने सुरक्षित स्थान पर छोड़ा
घुग्घुस, चंद्रपुर। घुग्घुस शहर के समीप बायपास मार्ग से लगे खेत में करीब आठ फीट लंबा अजगर दिखाई देने से इलाके में कौतूहल का माहौल बन गया। इसकी जानकारी मिलते ही जीवनसृष्टि सामाजिक बहुउद्देशीय संस्था, घुग्घुस के सर्पमित्रों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर अजगर को सुरक्षित पकड़ा और उसके प्राकृतिक आवास के अनुकूल सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया। सर्पमित्रों की तत्परता से अजगर को बिना किसी चोट के सुरक्षित स्थानांतरित किया गया।
किशोर जोरगेवार के खेत में मिला अजगर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घुग्घुस बायपास मार्ग के पास किशोर जोरगेवार के खेत में लगभग आठ फीट लंबा अजगर दिखाई दिया। खेत में अजगर मिलने की जानकारी फैलते ही लोगों में उत्सुकता बढ़ गई। इसके बाद जीवनसृष्टि सामाजिक बहुउद्देशीय संस्था के अध्यक्ष एवं सर्पमित्र आर्यन कवाडे तथा सर्पमित्र निलेश धांडे घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
सावधानीपूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा
सर्पमित्रों ने नागरिकों और खेत में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ अजगर को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा। सावधानीपूर्वक अजगर को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और उसके अनुकूल प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान अजगर को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए आवश्यक सावधानी बरती गई। सर्पमित्रों की इस तत्परता और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।
सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं, सर्पमित्रों की मदद लें
बारिश के बाद खेतों, झाड़ियों और आसपास के खुले क्षेत्रों में सांप दिखाई देने की घटनाएं सामने आती हैं। भोजन या सुरक्षित आश्रय की तलाश में कई बार सांप आबादी वाले क्षेत्रों के करीब पहुंच जाते हैं।
ऐसी स्थिति में नागरिकों को घबराकर सांप को मारने या खुद पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए। सांप दिखाई देने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें, भीड़ न लगाएं और उसे छेड़ने से बचें। इसके बजाय प्रशिक्षित सर्पमित्रों या वन विभाग से संपर्क करें।
वन्यजीव संरक्षण का दिया संदेश
जीवनसृष्टि सामाजिक बहुउद्देशीय संस्था, घुग्घुस के अध्यक्ष एवं सर्पमित्र आर्यन कवाडे और सर्पमित्र निलेश धांडे की तत्परता से आठ फीट लंबे अजगर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सका।
वन्यजीव प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष रोकने के लिए जागरूकता, सावधानी और प्रशिक्षित लोगों की सहायता जरूरी है।
घुग्घुस में अजगर के सुरक्षित रेस्क्यू की इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का सकारात्मक संदेश दिया है।










