कोठापरमडोली के रायताड जंगोदेवी देवस्थान में दशहरा महापूजा संपन्न
महाराष्ट्र सहित पांच राज्यों से हजारों आदिवासी श्रद्धालुओं ने लिया दर्शन का लाभ; देवस्थान परिसर में हुए विकास कार्यों का किया निरीक्षण
कोठापरमडोली। महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों के हजारों आदिवासी समाज के श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र कोठापरमडोली स्थित रायताड जंगोदेवी देवस्थान में दशहरे के अवसर पर परंपरानुसार महापूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गजानन पाटील जुमनाके ने महापूजा में उपस्थित होकर रायताड जंगोदेवी की विधिवत पूजा-अर्चना की और दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
रायताड जंगोदेवी देवस्थान आदिवासी समाज की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रत्येक वर्ष दशहरे के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और सामूहिक रूप से महापूजा का आयोजन करते हैं। इसके अलावा जनवरी माह में भी इस देवस्थान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है।
50 लाख रुपये की निधि से हुए विकास कार्यों का निरीक्षण
इस अवसर पर गजानन पाटील जुमनाके ने बताया कि चंद्रपुर जिला नियोजन समिति के माध्यम से उनके प्रयासों से देवस्थान परिसर के विकास के लिए 50 लाख रुपये की निधि मंजूर कराई गई थी। इस निधि से पूर्ण हुए विकास कार्यों का उन्होंने निरीक्षण किया और कार्यों पर संतोष व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि रायताड जंगोदेवी देवस्थान परिसर में विकास की अभी काफी संभावनाएं हैं। आने वाले समय में यहां और अधिक विकास कार्यों को मंजूरी दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही देवस्थान परिसर का समग्र विकास आराखड़ा तैयार कर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जाएगी।
कई गणमान्य व्यक्ति रहे उपस्थित
दशहरा महापूजा के अवसर पर पूर्व सभापति भीमराव मेसराम, नगरसेविका सतलूबाई जुमनाके, लक्ष्मीबाई जुमनाके, मूलनिवासी एकता संघर्ष समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण मंगाम, युवा सहयोगी संकेत कुळमेंथे, मंगेश पंधरे, सावन किनाके, प्रकाश सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं आदिवासी समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।










