कोयला प्लॉट के खिलाफ 27 अक्टूबर को चिखलगांव में रास्ता रोको!
प्रशासन के ‘नो ऑपरेशन’ फैसले पर सवाल; प्रदूषण और ओवरलोड वाहनों से परेशान नागरिकों का आंदोलन का अल्टीमेटम
वणी, यवतमाल। शहर से सटे चिखलगांव क्षेत्र में कोयला डिपो, ओवरलोड वाहनों की आवाजाही और बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। कथित अनधिकृत कोयला प्लॉट को स्थानांतरित करने के मामले में प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है। इसी के विरोध में नागरिकों ने 27 अक्टूबर को चिखलगांव में रास्ता रोको आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
‘नो ऑपरेशन’ का फैसला, फिर भी कार्रवाई का इंतजार!
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कोयला प्लॉट की समस्या को लेकर पहले भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था। प्रशासनिक बैठक में संबंधित प्लॉट के संचालन पर रोक लगाने यानी ‘नो ऑपरेशन’ का निर्णय लिए जाने की बात भी सामने आई थी। इसके बावजूद इस निर्णय का जमीन पर प्रभावी क्रियान्वयन नहीं होने का आरोप नागरिकों ने लगाया है।
नागरिकों का कहना है कि जब प्रशासन ने निर्णय लिया है, तो फिर उस पर अमल करने में देरी क्यों हो रही है? कोयला प्लॉट के स्थानांतरण को लेकर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है।
कोयले की धूल और ओवरलोड वाहनों से परेशानी
चिखलगांव क्षेत्र में कोयले के परिवहन के कारण प्रदूषण, भारी वाहनों की आवाजाही और ओवरलोडिंग से संबंधित समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। नागरिकों का कहना है कि इन परिस्थितियों से दैनिक जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोगों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
जिलाधिकारी के आदेश पर अमल की मांग
नागरिकों ने मांग की है कि जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार कोयला प्लॉट को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। साथ ही, इस संबंध में प्रशासन की ओर से स्पष्ट लिखित आदेश जारी किए जाएं, ताकि निर्णय के क्रियान्वयन को लेकर कोई असमंजस न रहे।
प्रशासन नहीं चेता तो सड़क पर उतरेंगे नागरिक
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया, तो 27 अक्टूबर को चिखलगांव में रास्ता रोको आंदोलन किया जाएगा और वाहनों की आवाजाही रोकी जाएगी।
अब देखना होगा कि प्रशासन आंदोलन से पहले कोयला प्लॉट के स्थानांतरण, प्रदूषण नियंत्रण और ओवरलोड वाहनों की समस्या पर क्या कदम उठाता है। फिलहाल, चिखलगांव में कोयला प्लॉट का मुद्दा प्रशासन के लिए चुनौती बनता दिखाई दे रहा है।










