आश्रम स्कूल में भोजन के बाद 30 से अधिक छात्रों की तबीयत बिगड़ी
मितली-उल्टी से मचा हड़कंप; राजुरा उपजिला अस्पताल में इलाज जारी, भोजन की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
राजुरा | प्रतिनिधि
चंद्रपुर जिले के जिवती तहसील के नगराला स्थित अमृत नाईक माध्यमिक आश्रम स्कूल में मंगलवार सुबह भोजन करने के बाद करीब 30 विद्यार्थियों की अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। विद्यार्थियों को मितली, उल्टी और बेचैनी की शिकायत होने के बाद पहले जिवती के शासकीय अस्पताल में ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए राजुरा उपजिला अस्पताल रेफर किया गया।
भोजन के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, विद्यार्थियों ने सुबह करीब साढ़े 9 बजे भोजन किया था। भोजन के कुछ समय बाद कई विद्यार्थियों को मितली और उल्टियां होने लगीं। एक साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने से स्कूल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद प्रभावित विद्यार्थियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल सभी विद्यार्थियों की हालत स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
🍛 खाने की गुणवत्ता पर सवाल
घटना के बाद विद्यार्थियों के भोजन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता को लेकर पर्याप्त सावधानी नहीं बरती जा रही है। भोजन में संदिग्ध पदार्थ होने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
हालांकि, विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने का वास्तविक कारण अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है। भोजन के नमूनों और मेडिकल जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अभिभावकों ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
कुछ अभिभावकों ने आश्रम स्कूल में भोजन और मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने रखी हैं। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के लिए भोजन और नाश्ता तैयार करने के लिए पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं। खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर भी समय-समय पर शिकायतें होने का दावा किया गया है।
अभिभावकों ने प्रशासन से स्कूल की भोजन व्यवस्था, पानी, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की तत्काल जांच करने की मांग की है।
संस्था ने कहा—नए रसोइयों की भर्ती का प्रस्ताव भेजा
वहीं, अमृत नाईक माध्यमिक आश्रम स्कूल के अध्यक्ष श्रीनिवास जाधव ने बताया कि कुछ रसोइयों के सेवानिवृत्त होने के कारण कर्मचारियों की कमी है। नए रसोइयों की भर्ती के लिए शासन के पास प्रस्ताव भेजा गया है। फिलहाल उपलब्ध कर्मचारियों के माध्यम से भोजन व्यवस्था संचालित की जा रही है।
पुलिस ने भी शुरू की जांच
विद्यार्थियों के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उपजिला अस्पताल की ओर से संबंधित पुलिस थाने को मेडिकल मेमो भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली। भोजन की स्थिति, विद्यार्थियों की मेडिकल रिपोर्ट और घटना के संभावित कारणों की जांच की जा रही है।
आश्रम स्कूलों की सुरक्षा फिर सवालों के घेरे में
इस घटना ने एक बार फिर आश्रम स्कूलों में रहने वाले विद्यार्थियों के भोजन, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल विद्यार्थियों की हालत स्थिर है, लेकिन असली सवाल यह है कि आखिर एक साथ इतने विद्यार्थियों की तबीयत क्यों बिगड़ी? अब मेडिकल जांच और भोजन के नमूनों की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।










