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राजुर भांदेवाडा कोयला खदान बना मौत का अड्डा

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राजुर भांदेवाडा कोयला खदान बना मौत का अड्डा



इनलीगल सेक्शन में कोयला ढहने से दो मजदूर मौत से जूझ रहे


वेकोलि प्रबंधन की लापरवाही पर CBI–विजिलेंस जाँच की माँग तेज

 


प्रतिनिधि: राजुर

वणी |
वेकोलि वणी नार्थ भालर क्षेत्र अंतर्गत राजुर के भांदेवाडा अंडरग्राउंड कोयला खदान में एक बार फिर ऐसा हादसा हुआ है जिसने वेकोलि प्रबंधन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। क्षेत्रीय, उप-क्षेत्रीय अधिकारियों और खदान व्यवस्थापक की घोर लापरवाही, मनमानी और कथित भ्रष्टाचार के चलते खदान अब मजदूरों के लिए मौत का अड्डा बन चुकी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार रात लगभग 8 बजे, खदान के 146 इनलीगल सेक्शन में जबरन कार्य कराए जाने के दौरान मजदूरों के ऊपर अचानक कोयले का भारी ढेर गिर पड़ा। इस हादसे में राकेश गंंडु,हरीश्वर लांडे दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल वणी के सुगम अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल दोनों मजदूर आईसीयू में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं।

DGMS , विजीलेंस द्वारा इनलिगल घोषित सेक्शन में जबरन काम —खुली कानून की धज्जियाँ सूत्रों के मुताबिक, DGMS,विजिलेंस द्वारा इनलीगल घोषित सेक्शन में भी मजदूरों से दबाव, धमकी और डर के माहौल में काम कराया जा रहा है। यही कारण है कि हर एक-दो महीने में खदान में हादसे हो रहे हैं, लेकिन हर बार मामले को दबाने का खेल खेला जा रहा है।

इससे पहले भी इसी खदान में दो मजदूर बंकर के नीचे कीचड़ में दबकर गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन न तो किसी अधिकारी पर कार्रवाई हुई और न ही किसी पर आपराधिक मामला दर्ज किया गया।
मैनेजर की तानाशाही — नागपुर मुख्यालय के अधिकारों की खुलेआम अवहेलना
मजदूरों का आरोप है कि भांदेवाडा खदान के व्यवस्थापक गवई ने हाल ही में मजदूरों को डराने के उद्देश्य से एक नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि जो मजदूर दूसरी खदान में ट्रांसफर चाहते हैं वे आवेदन करें।

जबकि नियम स्पष्ट हैं कि इस तरह का आदेश जारी करने का अधिकार केवल नागपुर मुख्यालय को है, फिर भी बिना डीपी की अनुमति यह नोटिस खदान के मैनेजर ने जारी किया।

यह सीधे तौर पर नियमों की अवहेलना और सत्ता के दुरुपयोग का मामला है।
ट्रांसफार्मर हादसे, घायल मजदूर और दबाए गए मामले
मजदूरों का यह भी आरोप है कि खदान में प्रबंधन की लापरवाही से अब तक पांच ट्रांसफार्मर फट चुके हैं, जिससे मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए और वेकोलि को अब तक करोड़ों का नुकसान हुआ।
लेकिन हर बार धमकी, दबाव और लेन-देन के जरिए मामलों को रफा-दफा कर दिया गया।

पानी से भरी खदान, बंद उत्पादन और करोड़ों की हेराफेरी
भांदेवाडा खदान में पूरी तरह पानी भरा होने से कोयला उत्पादन लगभग ठप है। इसके बावजूद खदान को जबरन चलाया जा रहा है, जिससे साफ संकेत मिलते हैं कि प्रबंधन और कुछ अधिकारियों के बीच बड़े पैमाने पर आर्थिक लेन-देन चल रहा है।

खदान में कोई जिम्मेदार अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से मौजूद नहीं, जिससे वेकोलि को करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रुपये का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

अब सवाल सिर्फ हादसे का नहीं, सिस्टम के अपराध का है
स्थानीय मजदूरों और नागरिकों ने इस पूरे मामले में
CBI से उच्चस्तरीय जाँच,
विजिलेंस द्वारा इनलीगल सेक्शन और अधिकारियों की संपत्ति की जाँच,
पुलिस प्रशासन द्वारा गैर इरादतन हत्या और लापरवाही का मामला दर्ज करने,
तथा वेकोलि नागपुर मुख्यालय से दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने
की माँग की है।

बड़े सवाल जिनका जवाब चाहिए
इनलीगल घोषित सेक्शन में काम किसके आदेश पर कराया जा रहा था?
मजदूरों की जान की जिम्मेदारी कौन लेगा?
अब तक हुए हादसों पर एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुई?
क्या वेकोलि प्रबंधन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
अगर समय रहते CBI, विजिलेंस और पुलिस प्रशासन ने इस मामले में कड़ा कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में यह खदान किसी बड़े जनहानि का गवाह बन सकती है।

🔥 विस्फोटक हेडलाइन्स (Explosive Headlines) 🔥
भांदेवाडा कोयला खदान बना प्रबंधन की लापरवाही का कब्रिस्तान
इनलीगल सेक्शन में कोयला ढहने से दो मजदूर मौत से जूझ रहे
वेकोलि प्रबंधन के आदेश पर इनलीगल खदान में काम!
मजदूरों की जान से खुला खेल, CBI–विजिलेंस जाँच की माँग
कोयला नहीं, मजदूरों की जान निकाल रहा है वेकोलि सिस्टम
राजुर भांदेवाडा हादसे ने प्रबंधन की पोल खोली
इनलीगल सेक्शन + तानाशाही मैनेजर = मजदूरों की मौत का सौदा
भांदेवाडा खदान में फिर हुआ जानलेवा हादसा
वेकोलि अधिकारी बने मौत के सौदागर?
इनलीगल काम के दबाव में दो मजदूर गंभीर
पानी में डूबी खदान, फिर भी जबरन उत्पादन!
प्रबंधन की मनमानी से वेकोलि को अरबों का नुकसान
CBI जाँच नहीं हुई तो और जाएँ जाएँगी!
भांदेवाडा हादसे पर भड़के मजदूर
नागपुर मुख्यालय के आदेश हवा में, मैनेजर की दादागिरी ज़मीन पर
अवैध नोटिस जारी कर मजदूरों को डराने का आरोप
वेकोलि की खदान या मौत का जाल?
हर दो महीने हादसा, फिर भी जिम्मेदार बेखौफ
ट्रांसफार्मर उड़ते रहे, मजदूर घायल होते रहे, प्रबंधन सोता रहा
भांदेवाडा खदान में दबाए गए हादसों का खुलासा

⚠️ प्रबंधन पर सीधे आरोप (Use as Sub-head / Highlight Box) ⚠️
विजिलेंस द्वारा इनलीगल घोषित सेक्शन में भी जबरन काम कराना
मजदूरों को धमकी देकर खामोश कराना और हादसों को दबाना
नागपुर मुख्यालय के अधिकारों का दुरुपयोग कर अवैध नोटिस जारी करना
पानी से भरी खदान को आर्थिक लेन-देन के चलते जबरन चालू रखना
बार-बार हादसों के बावजूद कोई FIR दर्ज नहीं कराना
करोड़ों–अरबों के नुकसान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई शून्य

💣 एक लाइन का ब्रेकिंग पंच (Ticker / Breaking Line)
“इनलीगल खदान में जान जोखिम में डालकर मजदूरी, प्रबंधन मलाई काटता रहा!”
“मौत की खदान चला रहा वेकोलि प्रबंधन — दो मजदूर ICU में”
“हादसे नहीं, यह सिस्टम की साजिश है!”

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