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घुग्घुस के रेत माफियाओं का वढा घाट पर कब्जा!

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घुग्घुस के रेत माफियाओं का वढा घाट पर कब्जा!



एक घाट… दो रास्ते… दिन-रात रेत की खुली लूट


घुग्घुस / चंद्रपुर | विशेष रिपोर्ट
चंद्रपुर जिले के चर्चित Wadha–Pandharkawada Sangam क्षेत्र में स्थित Wardha River के रेत घाट पर इन दिनों अवैध रेत तस्करी का बड़ा खेल सामने आ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घुग्घुस के रेत तस्करों की टोली अब वढा-पांढरकवडा घाट पर सक्रिय हो चुकी है, और एक ही घाट से दो अलग-अलग रास्तों के जरिए दिन-रात रेत की चोरी की जा रही है।

 एक टीपी… लेकिन दर्जनों ट्रिप रेत बाहर

सूत्रों के मुताबिक घाट से एक ही ट्रांजिट परमिट (टीपी) के नाम पर कई-कई ट्रिप रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है।
सुबह होते ही महसूल विभाग के अधिकारी घाट पर पहुंचने से पहले ही सैकड़ों ब्रास रेत ट्रैक्टरों से बाहर निकाल दी जाती है।
बताया जा रहा है कि यह रेत आसपास के कई गांवों में धड़ल्ले से बेची जा रही है —घुग्घुस, शेनगांव, पांढरकवडा, मुर्सा, बेलसणी, उसगांव, सोनेगांव, नकोडा जैसे ग्रामीण इलाकों में इस अवैध कारोबार से तस्कर मालामाल हो रहे हैं, जबकि सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

एक घाट… लेकिन चोरी के लिए दो रास्ते

स्थानीय नागरिकों के अनुसार वढा-पांढरकवडा क्षेत्र में रेत का केवल एक ही घाट है, लेकिन तस्करों ने रेत निकालने और बाहर ले जाने के लिए दो अलग-अलग रास्ते तैयार कर लिए हैं।
बताया जा रहा है कि दो अलग-अलग गुटों ने घाट पर अपना वर्चस्व कायम कर लिया है, और अपने-अपने रास्तों से रेत की तस्करी कर रहे हैं।

सेटिंग के आरोप: पुलिस और महसूल पर सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा खेल महसूल विभाग के कुछ अधिकारियों और चंद्रपुर-घुग्घुस पुलिस की कथित ‘सेटिंग’ के बिना संभव नहीं है।
कभी-कभार कार्रवाई जरूर होती है, लेकिन कुछ ही दिनों में फिर उसी रफ्तार से तस्करी शुरू हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घुग्घुस के कुछ नामचीन तस्कर लोकप्रतिनिधियों का दबाव बनाकर अधिकारियों पर प्रभाव डालते हैं, जिसके कारण उन पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती।

किसानों की फसल रौंदकर चल रही रेत की तस्करी

रेत तस्करी का खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
आरोप है कि तस्कर किसानों के खेतों से ही ट्रैक्टर दौड़ाकर रेत ले जाते हैं, जिससे कई एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
विरोध करने पर किसानों को धमकी और दबाव का सामना करना पड़ता है।

रातभर ट्रैक्टरों की दहाड़, नशे में हंगामा

रात के समय घाट और गांव के रास्तों पर ट्रैक्टरों की तेज आवाज गूंजती रहती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ तस्कर नशे की हालत में गाली-गलौच करते हुए खुलेआम रेत की तस्करी करते हैं, जिससे गांव में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।

 ग्रामीणों की प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

लगातार बढ़ती अवैध रेत तस्करी से परेशान स्थानीय नागरिकों और गरीब किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि: वढा घाट पर चल रही दिन-रात की रेत तस्करी तुरंत बंद कराई जाए।
तस्करी में शामिल लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
अवैध रेत ढोने वाले ट्रैक्टर और मशीनें जब्त की जाएं
घाट पर पुलिस और महसूल विभाग की सख्त निगरानी बढ़ाई जाए।

जल्द होगा बड़ा खुलासा

सूत्रों के मुताबिक इस अवैध कारोबार में शामिल रेत तस्करों के पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आ रही है।

शीघ्र ही अगली खबर में रेत तस्करों के नाम और उनके पूरे गठजोड़ का बड़ा खुलासा किया जाएगा

अब बड़ा सवाल

अब सवाल यह उठ रहा है —
क्या प्रशासन वढा घाट पर चल रही रेत माफियाओं की इस खुली लूट पर लगाम लगाएगा?
या फिर Wardha River का यह घाट यूं ही रेत तस्करों का अड्डा बना रहेगा?

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