“छत्रपति शिवाजी महाराज केवल नाम नहीं, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और जनकल्याण की सर्वोच्च प्रेरणा हैं” – विधायक सुधीर मुनगंटीवा
दुर्गापुर में तिथि अनुसार शिवराज्याभिषेक समारोह संपन्न, शिव विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का किया आह्वान
चंद्रपुर। पूर्व वन, सांस्कृतिक कार्य एवं मत्स्य व्यवसाय मंत्री तथा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज केवल इतिहास के महान योद्धा नहीं, बल्कि स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति, सुशासन और प्रजा के कल्याण के सर्वोच्च आदर्श हैं। उनके विचार आज भी समाज को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।
दुर्गापुर में तिथि अनुसार आयोजित शिवराज्याभिषेक समारोह को संबोधित करते हुए मुनगंटीवार ने कहा कि शिवाजी महाराज का नाम लेते ही हर भारतीय के भीतर साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्रसेवा की भावना जागृत होती है। उन्होंने कहा कि दुनिया में अनेक राजा हुए, लेकिन प्रजा के सुख और कल्याण के लिए शासन करने वाले राजा केवल छत्रपति शिवाजी महाराज थे।
इस अवसर पर श्रीनिवास जंगमवार, हनुमान काकड़े, रुद्रनारायण तिवारी, मनोज सिंघवी, नामदेव आसुटकर और शांताराम चौखे सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
“शिवाजी महाराज की सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य”
मुनगंटीवार ने भावुक शब्दों में कहा कि “छत्रपति शिवाजी महाराज की सेवा करने का अवसर मिलना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है।” उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक कार्य मंत्री रहते हुए उन्होंने शिवाजी महाराज के इतिहास, पराक्रम और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कई ऐतिहासिक पहल कीं।
उन्होंने कहा कि शिवकार्य किसी पद का विषय नहीं, बल्कि आजीवन साधना है और प्रत्येक नागरिक के मन में शिव विचारों की ज्योति प्रज्वलित रहनी चाहिए।
सांस्कृतिक मंत्री रहते लिए कई ऐतिहासिक फैसले
मुनगंटीवार ने बताया कि उनके कार्यकाल में शिवाजी महाराज से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें प्रतापगढ़ स्थित अफजल खान की कब्र पर हुए अतिक्रमण को हटाना, लंदन से शिवाजी महाराज के ऐतिहासिक वाघनख भारत लाने की पहल, प्रतापगढ़ की भवानी माता को रजत छत्र अर्पित करना, रायगढ़ के राज्याभिषेक समारोह के लिए रजत पालकी समर्पित करना, देशभर के पवित्र जल से सहस्त्र जलकलश यात्रा आयोजित करना तथा गेटवे ऑफ इंडिया पर शिवकालीन शस्त्रों की प्रदर्शनी आयोजित करना प्रमुख हैं।
उन्होंने बताया कि शिवराज्याभिषेक वर्ष का विशेष लोगो सरकारी कार्यों में शामिल किया गया तथा मंत्रालय में प्रतिदिन “शिव विचार” प्रसारित करने की पहल भी शुरू की गई।
‘जय भवानी… जय शिवाजी’ की गूंज आज भी प्रेरणा देती है
मुनगंटीवार ने कहा कि आगरा के दीवान-ए-खास, जहां कभी औरंगजेब ने शिवाजी महाराज का अपमान किया था, आज वहीं “जय भवानी… जय शिवाजी” का उद्घोष गूंजता है। उन्होंने इसे शिव विचारों की ऐतिहासिक विजय बताया।
उन्होंने दुर्गापुर में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रतिमा के निर्माण का संकल्प पूरा होने पर उन्हें संतोष है। साथ ही शिवभक्तों की मांग पर क्षेत्र की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए हैं।
समाज में एकता और स्वराज्य के विचार अपनाने का आह्वान
अपने संबोधन के अंत में विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने सभी समाजों को साथ लेकर लोककल्याणकारी स्वराज्य की स्थापना की थी। आज आवश्यकता है कि समाज उसी विचारधारा को अपनाते हुए एकता, स्वाभिमान और विकास का संकल्प ले।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों के प्रचार-प्रसार से जुड़े प्रत्येक अभियान में वे पूरी ताकत के साथ सहयोग करते रहेंगे।










