इरई बांध पर विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित, जिलाधिकारी वसुमना पंत ने दिए अहम निर्देश
चंद्रपुर, 25 जून। आगामी मानसून और संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से इरई बांध परिसर में विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करना तथा स्थानीय प्रशासन की क्षमता को मजबूत बनाना था।
जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष वसुमना पंत तथा निवासी उपजिलाधिकारी दगडू कुंभार के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में विभिन्न प्रकार की आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए इरई बांध से पानी के नियोजित एवं नियंत्रित विसर्जन पर विशेष ध्यान रखा जाए तथा सभी विभाग हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
प्रशिक्षण के दौरान प्राथमिक खोज एवं बचाव अभियान, प्राथमिक उपचार, सीपीआर (हृदय एवं फेफड़ों का पुनर्जीवन), बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणाली, सामुदायिक जागरूकता, आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, आपातकालीन उपकरणों का सुरक्षित उपयोग, इम्प्रोवाइज्ड रेस्क्यू डिवाइस, स्ट्रेचर के उपयोग तथा विभिन्न प्रकार की पट्टियां (बैंडेज) बांधने की तकनीक का प्रदर्शन किया गया। साथ ही उपलब्ध आपदा राहत एवं बचाव सामग्री का निरीक्षण भी किया गया।
प्रशिक्षण शिविर में जिलाधिकारी वसुमना पंत के साथ तहसीलदार विजय पवार, नायब तहसीलदार राजू धांडे एवं ओंकार ठाकरे, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सलीम शेख, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि तथा स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यह प्रशिक्षण राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), नागपुर के पुलिस निरीक्षक श्री दाते के नेतृत्व में 10 प्रशिक्षित रेस्क्यू कर्मियों द्वारा संपन्न कराया गया। प्रशिक्षण में आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।