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तहसीलदार को खबर देना और टीपी चेक करना पड़ा महंगा: रेत तस्करों का पञकार पर हमला

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तहसीलदार को खबर देना और टीपी चेक करना पड़ा महंगा: रेत तस्करों का पञकार पर हमला



सार्वजनिक जगह पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी


गड़चांदूर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज


घुग्घुस चंद्रपुर :
रेत तस्करी और ट्रांजिट पास (TP) की जांच को लेकर रेत माफियाओं की दबंगई का एक और गंभीर मामला गड़चांदूर पुलिस थाना क्षेत्र से सामने आया है।
भोयगांव के पास टीपी वाले ट्रैक्टर को रोकने और तहसीलदार को सूचना देने से नाराज़ होकर दो आरोपियों ने मिलकर पञकार पर सार्वजनिक स्थान पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित का विवरण
पीड़ित पञकार का नाम निखिल गजानन पिदुरकर (उम्र 27 वर्ष) है।
निवासी – ईरई, तहसील कोरपना, जिला चंद्रपुर।
खेती और मजदूरी मजदुरी से पेशेवार है।

घटना का पूरा घटनाक्रम :पीड़ित निखिल पिदुरकर ने गड़चांदूर पुलिस स्टेशन में दी मौखिक रिपोर्ट में बताया कि— दिनांक 20 जनवरी 2026 को वह अपने ससुर भाऊराव वासाडे को उनके गांव धानोरा छोड़कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था।

जब वह भोयगांव के पास पहुंचा, तभी—
विजय गौरे निवासी एकोडी और प्रवीण ठावरी निवासी भोयगांव ने फोन कर उसे भोयगांव पुल के पास रुकने को कहा और फोन पर ही गाली-गलौज शुरू कर दी।

एकोडी फाटे के पास खुला हमला
पीड़ित जब फोन पर बात को अनदेखा कर भोयगांव–कवटाला रोड से आगे बढ़ रहा था, तभी एकोडी फाटे के पास दोपहर करीब 3 बजे दोनों आरोपी सामने आ गए।
आरोप है कि— आरोपियों ने कहा, “तूने हमारा टीपी वाला ट्रैक्टर क्यों रोका?”
“तहसीलदार मैडम को फोन क्यों किया?”
इसके बाद सार्वजनिक जगह पर अश्लील और अपमानजनक गालियां दी गईं।
हाथ-मुक्कों से छाती, पीठ और बाएं हाथ पर मारपीट की गई।
आरोपी विजय गौरे ने पीड़ित का मोबाइल फोन जमीन पर पटककर तोड़ दिया।
पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी इतना ही नहीं, आरोपियों ने जाते-जाते पीड़ित को धमकाया कि—“अगर पुलिस स्टेशन में हमारे खिलाफ रिपोर्ट दी, तो तेरे घर आकर तुझे मार देंगे।”
इस धमकी के बाद पीड़ित ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए गड़चांदूर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

आरोपियों पर कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने अपनी शिकायत में—विजय गौरे एकोडी,,प्रवीण ठावरी भोयगांव
के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सवालों के घेरे में रेत तस्करी और दबंगई

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि—
रेत तस्करों को कानून का डर नहीं
टीपी जांच करने वालों को खुली धमकियां दी जा रही हैं।
तहसीलदार को सूचना देना भी अब जान जोखिम में डालना बनता जा रहा है।

अब नजरें पुलिस कार्रवाई पर
अब सवाल यह है—
क्या गड़चांदूर पुलिस आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करेगी?
क्या टीपी जांच में बाधा डालने और धमकी देने वालों पर सख्त धाराएं लगेंगी?
नजरें अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला (BNS)

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्न धाराएं लगाई हैं—
धारा 296 – सार्वजनिक स्थान पर अश्लील गाली-गलौज,धारा 115(2) – जानबूझकर चोट पहुंचाना
धारा 324(4) – मोबाइल तोड़कर संपत्ति को नुकसान पहुंचाना,धारा 351(2) – जान से मारने की आपराधिक धमकी,धारा 3(5) – एक से अधिक आरोपियों द्वारा सामूहिक अपराध
इन धाराओं के तहत मामला गंभीर और गैर-जमानती श्रेणी में माना जा रहा है।

क्या कहती है यह घटना?
यह घटना साफ संकेत देती है कि—
रेत तस्करों को कानून का डर खत्म हो चुका है
टीपी जांच और प्रशासन को सूचना देना भी अब जान जोखिम में डालना बनता जा रहा है।
सार्वजनिक स्थान पर हमला कर आरोपी खुलेआम सिस्टम को चुनौती दे रहे हैं।

अब सवाल पुलिस से
क्या आरोपी तुरंत गिरफ्तार होंगे?
क्या रेत तस्करी नेटवर्क की भी जांच होगी?
क्या टीपी जांच में बाधा डालने वालों पर और कड़ी धाराएं जुड़ेंगी?
नज़रें अब गड़चांदूर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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