घुग्घुस शहर की विभिन्न समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए
भाजपा नगरसेवक विवेक बोढे की मांग
घुग्घुस | विशेष रिपोर्ट
घुग्घुस शहर में व्याप्त विभिन्न बुनियादी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग को लेकर भाजपा नगरसेवक विवेक बोढे ने नगर परिषद को घेरा है। शुक्रवार, 30 जनवरी को नगरसेवक विवेक बोढे ने एक शिष्टमंडल के साथ नगर परिषद कार्यालय में नगराध्यक्ष दीप्ती सोनटक्के से भेंट कर शहर और विशेष रूप से प्रभाग क्रमांक 4 की ज्वलंत समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की तथा मांगों का लिखित निवेदन सौंपा।
निवेदन में प्रभाग क्रमांक 4 के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण विकास कार्यों को तत्काल लॉयड्स मेटल्स कंपनी से मंजूरी दिलाने, विभिन्न स्थानों पर नए पथदीप एवं हाईमास्ट लाइट लगाने, सीमेंट कंक्रीट की नालियां व सड़कें बनाने, ग्रामीण अस्पताल के पीछे रेलवे फाटक के पास मुख्य मार्ग पर उच्च क्षमता का विद्युत प्रकाश लगाने की मांग प्रमुख रूप से की गई।
इसके साथ ही तुकडोजी नगर स्थित मिलिंद वाचनालय परिसर की खुली जगह पर दीवार निर्माण कर सौंदर्यीकरण, उसी परिसर में नए सभागृह का निर्माण, ड्रीमलैंड सिटी में सड़क खड़ीकरण, ग्रामीण अस्पताल के पीछे फैले कचरे और काटेरी झाड़ियों की सफाई, तथा बहीरमबाबा नगर में हाल ही में शुरू की गई देशी शराब दुकान को तत्काल बंद करने की मांग भी रखी गई।
शहर में बढ़ती समस्या को देखते हुए आवारा कुत्तों का बंदोबस्त कर बंद पड़े कांजी हाउस को शुरू करने, केमिकल नगर, ड्रीमलैंड सिटी और तुकडोजी नगर में भूमिगत नालियों का निर्माण, पुलिस थाने के सामने चौक में एसीसी कंपनी की ओर से हाईमास्ट लाइट लगाकर चौक का सौंदर्यीकरण, तथा प्रभाग क्रमांक 4 के विकास व स्वच्छता कार्यों के लिए प्रतिदिन 10 मजदूर उपलब्ध कराने जैसी मांगें भी निवेदन में शामिल रहीं।
नगराध्यक्ष का आश्वासन
नगराध्यक्ष दीप्ती सोनटक्के ने शिष्टमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि शहर की सभी प्रमुख समस्याओं का चरणबद्ध तरीके से जल्द समाधान किया जाएगा और आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
निवेदन देते समय उपस्थित लोग
इस अवसर पर भाजपा नगरसेवक विवेक बोढे, स्वीकृत नगरसेवक निरीक्षण तांड्रा, भाजपा के बबलू सातपुते, प्रणय काटवले, अजय लेंडे, उमेश दडमल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
शहरवासियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि नगर परिषद और संबंधित कंपनियां इन मांगों पर कब और कितना अमल करती हैं, या फिर यह आश्वासन भी कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।