घुग्घुस बस स्टैंड पर दामिनी महीला मंडल ने प्याऊ शुरू किया
प्रवासियों, स्थानीय लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
घुग्घुस : आसमान से बरसती आग और तपती सड़कों के बीच घुग्घुस बस स्टैंड परिसर में इंसानियत की एक ठंडी छांव खड़ी की गई है। यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को राहत देने के लिए Western Coalfields Limited के वणी क्षेत्र अंतर्गत दामिनी महिला मंडल ने तपती धूप मे लोगो के लिए प्याऊ शुरू कर बड़ा सामाजिक संदेश दिया है।
हर साल की तरह इस बार भी गर्मी से जूझते लोगों के लिए यह पहल किसी राहत शिविर से कम नहीं, जहां एक घूंट पानी भी जीवन का सहारा बन रहा है।
उद्घाटन में गूंजा संदेश – “पानी बचाओ, नहीं तो कल प्यासे रह जाओगे!”
इस प्याऊ का उद्घाटन पार्थसारथी मैडम,सब एरिया मैनेजर घुग्घुस के हाथों किया गया, जबकि टिकले मैडम मैनेजर की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
मंच से साफ संदेश दिया गया— “जल ही जीवन है… लेकिन अगर इसे नहीं बचाया, तो यही जीवन संकट बन जाएगा!”
भीषण गर्मी में राहत की सांस, यात्रियों के लिए वरदान माना जाता है एप्रिल माह के तपती दोपहर में बस स्टैंड पर भटकते यात्रियों के लिए यह प्याऊ किसी अमृत से कम नहीं।
जहां एक तरफ तापमान लोगों को झुलसा रहा है, वहीं यह पहल मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल बनकर उभरी है।
महीला मंडल ने मानवी समाज को सख्त चेतावनी दी है कि पानी बचाओ, वरना हालात होंगे भयावह आज जरूरत सिर्फ प्याऊ लगाने की नहीं, बल्कि सोच बदलने की है।
अगर अभी नहीं संभले तो आने वाला समय और भी खतरनाक होगा। पानी का बेवजह बहाव रोकना होगा, वर्षा जल संचयन को अपनाना होगा, जरूरत के हिसाब से ही पानी खर्च करना होगा, हर लीकेज को तुरंत बंद करना होगावरना आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी!
मंच पर उपस्थित महीला मंडल ने समाज को सीधा संदेश – “आज पानी बचाओ, तभी कल बचेगा”दामिनी महिला मंडल का यह कदम सिर्फ एक सामाजिक कार्य नहीं,बल्कि एक चेतावनी है… एक जागरूकता है… और एक जिम्मेदारी भी!
अब सवाल ये है—क्या हम सिर्फ पानी पीकर आगे बढ़ जाएंगे… या इसे बचाने की भी जिम्मेदारी उठाएंगे?भी जिम्मेदारी उठाएंगे?भी जिम्मेदारी उठाएंगे?