वेकोलि खदानों में ‘कोयला माफिया’ का कहर: ट्रांसपोर्टरों की दबंगई से रात में स्टीम कोल की खुली लूट, करोड़ों का नुकसान!
चंद्रपुर | वेकोलि बल्लारपुर महाप्रबंधक क्षेत्र की पवणी साखरी और सास्ती कोयला खदानों में इन दिनों ‘कोयला माफिया’ का आतंक चरम पर है। आरोप है कि ट्रांसपोर्टरों की दबंगई और मनमानी के चलते खदानों में रात के अंधेरे में स्टीम कोल (बड़ा माल) की खुलेआम हेराफेरी और लूट जारी है, जिससे वेकोलि कंपनी को हर महीने लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये का चूना लग रहा है।
अधिकारियों की मिलीभगत के गंभीर आरोप
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे खेल में खदान के क्षेत्रीय प्रबंधक, उप-क्षेत्रीय प्रबंधक और व्यवस्थापक की सहमति से ही यह अवैध धंधा चल रहा है। आरोप है कि बिना अंदरूनी संरक्षण के इस स्तर पर कोयले की लूट संभव ही नहीं।
रात होते ही शुरू होता है ‘काला खेल’
बताया जा रहा है कि रात के समय ट्रांसपोर्टरों की बड़ी टोली खदानों में पहुंचती है और कोल स्टॉक पर कब्जा जमा लेती है। ट्रक ऑपरेटरों को अपने हिसाब से चुनकर, उनकी मदद से अलग-अलग जगहों पर बड़े पैमाने पर कोयला गिराया जाता है।
इसके बाद पेलोडर मशीनों से वही ‘बड़ा माल’ उठाकर चंद्रपुर, नागाडा और वणी-यवतमाल क्षेत्र के अवैध कोयला डिपो में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है।
‘बड़े माल’ की कमाई ने बढ़ाई गुंडागर्दी
जानकारों का कहना है कि स्टीम कोल से होने वाले भारी मुनाफे के कारण ट्रांसपोर्टरों की दबंगई सातवें आसमान पर पहुंच गई है। खदानों में खुलेआम दादागिरी, धमकियां और जबरदस्ती का माहौल बना हुआ है।
पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
सबसे गंभीर आरोप यह है कि इस पूरे खेल में राजुरा पुलिस, वेकोलि के जिम्मेदार अधिकारी और सुरक्षा तंत्र की कथित सांठगांठ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सख्त कार्रवाई होती, तो यह लूट इतने लंबे समय तक जारी नहीं रह सकती थी।
खून-खराबे की आशंका
खदानों में बढ़ती गुंडागर्दी और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए कभी भी बड़ा विवाद, मारपीट या यहां तक कि हत्या जैसी वारदात होने की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले भी कोयला विवाद को लेकर कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं।
जिम्मेदारी किसकी?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर रात के अंधेरे में कोल स्टॉक पर इस तरह लूट जारी है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?
स्थानीय नागरिक और छोटे ट्रांसपोर्टर वेकोलि प्रशासन और पुलिस से जवाब मांग रहे हैं।
सुरक्षा बढ़ाने की मांग
नागरिकों और छोटे ट्रांसपोर्टरों ने जिला पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन से खदानों में सुरक्षा कड़ी करने और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।