वर्धा नदी में दर्दनाक हादसा: तीन लोगों की डूबने से मौत, सुबह रेस्क्यू में शव बरामद
चंद्रपुर |
चंद्रपुर जिले के घुग्घुस-धानोरा स्थित वर्धा नदी घाट पर मंगलवार को हुआ दर्दनाक हादसा बुधवार सुबह त्रासदी में बदल गया। कपड़े धोने गए एक व्यक्ति और दो नाबालिग बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों के शव नदी से बरामद कर लिए गए।
नहाने के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार सुबह करीब 10 बजे धानोरा घाट, म्हाडा पानी टंकी के पास हुई। राजुरा तहसील के खामोना निवासी हरिचंद्र राजू कोडापे (40) अपनी बहन के गांव धानोरा आए हुए थे।कपड़े धोने के बाद वे नदी में नहाने उतरे, लेकिन पानी की गहराई का अंदाजा न लगने से अचानक गहरे पानी में चले गए।
पिता को बचाने उतरीं बच्चियां भी डूबीं
पिता को डूबता देख उनकी 12 वर्षीय बेटी अर्पिता कोडापे और 14 वर्षीय भांजी प्रियांका मडावी उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरीं।
लेकिन दुर्भाग्यवश, तीनों ही गहरे पानी में समा गए।
सुबह पानी पर तैरते मिले शव
बुधवार सुबह रेस्क्यू के दौरान सबसे पहले दोनों नाबालिग लड़कियों के शव पानी की सतह पर तैरते हुए दिखाई दिए, जिन्हें बाहर निकाला गया।
इसके कुछ घंटों बाद उसी क्षेत्र में पिता का शव भी पानी में तैरता हुआ नजर आया, जिसे टीम ने बरामद कर लिया।
पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम
घुग्घुस पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए चंद्रपुर जिला अस्पताल भेज दिया है।मामले की आगे की जांच घुग्घुस पुलिस द्वारा की जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और पुलिस टीम
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
पुलिस उपनिरीक्षक अशोक गरगेलवार के नेतृत्व में अभियान चलाया गया, जिसमें हवलदार आसिफ पठान, सचिन वासाडे, अमलदार अल्केश सावंत और आंचल गुरनुले सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
इलाके में शोक की लहर
इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
स्थानीय नागरिकों ने नदी घाटों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे टाले जा सकें।