बेल्ट मशीन में फंसने से मजदूर गंभीर घायल, हाथ टूटा; आक्रोशित मजदूरों ने छेड़ा आंदोलन
घुग्घुस : चंद्रपुर जिले के एमआईडीसी तड़ाली क्षेत्र स्थित सनविजय पावर एंड अलायंस कारखाने में गुरुवार 7 मई को हुए एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे में एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में मजदूर का बायां हाथ बुरी तरह टूट गया, जिसके बाद उसे गंभीर अवस्था में चंद्रपुर के बंगाली कैंप स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल मजदूर की पहचान पंकज संजय शेडकी (27), निवासी घोणाड, जिला चंद्रपुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पंकज कंपनी परिसर में आरएमपी विभाग के पास चालू बेल्ट रोलर पर ग्रीसिंग का काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह मशीन के पास गिर पड़ा और उसका हाथ बेल्ट की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि उसका बायां हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने किसी तरह उसे मशीन से बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
घटना के बाद कंपनी परिसर में भारी आक्रोश फैल गया। संगठित मजदूरों तथा घायल मजदूर के परिजनों ने कंपनी प्रबंधन, एचआर अधिकारी विशाल अग्रवाल और ठेकेदार केम्स इंजीनियरिंग से आर्थिक सहायता और इलाज का पूरा खर्च उठाने की मांग की। मजदूरों का आरोप है कि हादसे के दिन उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया, जिसके चलते दूसरे दिन भी मजदूरों ने काम बंद आंदोलन जारी रखा।
आक्रोशित मजदूरों ने आयुष नोपाणी को ज्ञापन सौंपकर पीड़ित मजदूर को आर्थिक सहायता देने तथा कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है।
मजदूरों और परिजनों की प्रमुख मांगें:
घायल मजदूर पंकज शेडकी को आजीवन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।पंकज के परिवार को 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।60 वर्ष की आयु तक कंपनी में स्थायी रोजगार दिया जाए।पूरी तरह स्वस्थ होने तक 100 प्रतिशत वेतन घर बैठे दिया जाए।भविष्य में उसकी शारीरिक स्थिति के अनुसार कंपनी में काम उपलब्ध कराया जाए।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि कारखाने में सुरक्षा नियमों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। उनका कहना है कि कंपनी में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं और मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं।
मजदूरों के अनुसार, कंपनी परिसर में अत्यधिक प्रदूषण है, धूल के कारण कई बार कुछ दिखाई तक नहीं देता, जबकि पानी छिड़काव जैसी मूलभूत व्यवस्था भी नहीं की गई है। इसके अलावा केम्स इंजीनियरिंग में कार्यरत लगभग 250 मजदूरों का शोषण किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि:डबल ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता,वार्षिक वेतन वृद्धि नहीं दी जाती,नए जीआर और लेबर कोड के नियम लागू नहीं किए जा रहे,EL, CL, PL जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं,
शिकायत करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
इन सभी मांगों को लेकर मजदूरों ने “काम बंद रखो आंदोलन” शुरू कर दिया है। मजदूर संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।