सिर पर लाठी से गैगवार 8 टांके और हाथ की हड्डी टूटी
फिर भी मामूली धाराओं में मामला दर्ज होने पर उठे पुलिस से सवाल?
घुग्घुस (चंद्रपुर)। घुग्घुस के म्हातारदेवी रोड स्थित एक स्टील वेल्डिंग दुकान संचालक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस द्वारा केवल भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118(2), 352 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि गंभीर चोटों के बावजूद आरोपियों पर कठोर धाराएं नहीं लगाई गईं।
जानकारी के अनुसार, सावजी ढाबा के समीप स्टील वेल्डिंग की दुकान चलाने वाले अल्ताफ सोहराब बेग पर पुराने पैसों के विवाद को लेकर हमला किया गया। आरोप है कि हसनैन रफीक शेख, निजामीन रफीक शेख तथा उनके साथ आए अन्य लोगों ने दुकान में घुसकर गाली-गलौज की और लाठियों से हमला कर दिया।
हमले में अल्ताफ बेग के सिर पर गंभीर चोट लगी, जिसके कारण उन्हें आठ टांके लगाने पड़े। इतना ही नहीं, उनके हाथ की हड्डी टूट गई तथा पसलियों में भी गंभीर चोटें आई हैं। घायल का उपचार वर्तमान में चंद्रपुर के एक निजी अस्पताल में जारी है।
परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने सीधे सिर को निशाना बनाकर लाठी से वार किए, जिससे पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद घायल को पहले घुग्घुस के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे चंद्रपुर रेफर कर दिया गया।
हालांकि, इतनी गंभीर चोटों के बावजूद घुग्घुस पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ केवल बीएनएस की धारा 118(2), 352 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। इसे लेकर स्थानीय नागरिकों और परिजनों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि जब पीड़ित के सिर पर टांके लगे हैं, हाथ की हड्डी टूट गई है और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, तो मामले में अधिक गंभीर धाराओं की जांच और समावेश किया जाना चाहिए।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की धाराएं बढ़ाए जाने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब हमले में पीड़ित को गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचा है, तो क्या केवल इन धाराओं में दर्ज मामला न्यायसंगत है, या फिर मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों पर और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी? नागरीको ने तथा परीजनो ने पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी से आरोपीयों पर कडी कार्रवाई करने कि मांग कर रहे हैं।