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चारगांव फाटे पर फिर दर्दनाक हादसा, बाइक सवार की मौत के बाद उठे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

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चारगांव फाटे पर फिर दर्दनाक हादसा, बाइक सवार की मौत के बाद उठे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल



ओवरलोड वाहनों की तेज रफ्तार, सड़क किनारे खड़े वाहन और यातायात नियमों की अनदेखी बन रही दुर्घटनाओं की वजह

वणी/शिरपुर प्रतिनिधि : चारगांव फाटे के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक बाइक सवार की मौत के बाद क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चारगांव चौकी के पास का यह मोड़ पहले से ही संवेदनशील और खतरनाक माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद यहां सुरक्षा उपायों की कमी के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
हादसे में रवींद्र बा. मालेकर (50 वर्ष), निवासी शेलू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद छोटी बेटी बाल-बाल बच गई। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली और यातायात नियंत्रण व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के किनारे भारी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित होती है। इसके अलावा कोयला परिवहन करने वाले ट्रक तथा मोहदा क्षेत्र से गिट्टी लेकर आने वाले कई ओवरलोड वाहन तेज गति और लापरवाही से सड़क पर दौड़ते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
नागरिकों का आरोप है कि क्षेत्र में यातायात नियमों के पालन को लेकर पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है। ट्रैफिक पुलिस की कथित लापरवाही के कारण नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे दुर्घटनाएं बार-बार घटित हो रही हैं।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि कुछ युवा शराब के नशे में तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं, जिससे न केवल उनकी बल्कि अन्य राहगीरों की जान भी खतरे में पड़ जाती है। चारगांव फाटे और आसपास के मार्गों पर कई बार सड़क दुर्घटनाओं में मवेशियों और अन्य जानवरों की भी मौत हो चुकी है।
क्षेत्रवासियों ने शिरपुर पुलिस से ओवरलोड वाहनों पर तत्काल नियंत्रण लगाने, सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों पर कार्रवाई करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। साथ ही यवतमाल जिले के पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता से भी विशेष अभियान चलाकर ओवरलोड और नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।
नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो चारगांव फाटा क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने वाला नहीं है और भविष्य में और भी बड़ी जनहानि हो सकती है। ::
चारगांव फाटे पर बढ़ते हादसे, नागरिकों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
ओवरलोड वाहनों और लापरवाही ने बनाया चारगांव फाटा को दुर्घटना का केंद्र
बाइक सवार की मौत के बाद फूटा नागरिकों का गुस्सा, कार्रवाई की मांग तेज
खतरनाक मोड़, तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहन; कब रुकेगा मौत का सिलसिला?

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