4 हजार रुपये रिश्वत मामले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई
उप-रजिस्ट्रार और सहायक एसीबी के जाल में फंसे
पुलिस उपाधीक्षक अनिल जित्तावर के कार्यभार संभालने के बाद तीसरी सफल कार्रवाई
चंद्रपुर
चंद्रपुर में भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग के एक उप-रजिस्ट्रार और उसके सहायक को रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथों पकड़ने में सफलता हासिल की। इस कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंद्रपुर स्थित स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग के उप-रजिस्ट्रार मोहन चंद्रकांत शेट्टीवार ने भद्रावती तालुका के एक शिकायतकर्ता से दो संपत्ति दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए प्रति दस्तावेज 2 हजार रुपये, कुल 4 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। आरोप है कि यह राशि उनके सहायक (ऑपरेटर) के माध्यम से स्वीकार की जानी थी।
शिकायतकर्ता ने पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी रिश्वत देने से इनकार कर दिया और सीधे भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो, चंद्रपुर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की गोपनीय जांच शुरू की।
जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। सत्यापन में यह स्पष्ट हुआ कि दस्तावेजों के पंजीकरण के बदले 4 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इसके बाद एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए संबंधित आरोपियों को अपने जाल में फंसा लिया।
इस कार्रवाई को पुलिस उपाधीक्षक अनिल जित्तावर के कार्यभार संभालने के बाद की तीसरी बड़ी सफलता माना जा रहा है। एसीबी की इस कार्रवाई से स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग सहित अन्य सरकारी कार्यालयों में भी हड़कंप मच गया है।
एसीबी अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगे जाने पर तुरंत भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो से संपर्क करें और ऐसे मामलों की शिकायत दर्ज कराएं।