किसानों को समय पर उपलब्ध कराएं खाद और बीज, किसी प्रकार की कमी न हो : जिलाधिकारी
चंद्रपुर, 17 जून। खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है और किसानों के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण समय है। जिले में कहीं भी खाद और बीज की कमी नहीं होनी चाहिए तथा किसानों को कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यह निर्देश जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी.सी. ने कृषि विभाग के अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय कृषि आदान निगरानी समिति की समीक्षा बैठक में वे बोल रहे थे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कल्याणी क्षीरसागर, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी शंकर तोटावर, कृषि विकास अधिकारी वीरेंद्र राजपूत, आत्मा परियोजना के संचालक अरुण कुसरकर, नाबार्ड के कुणाल फुलझेले, कृषि आदान निरीक्षक तथा उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी व्यापारी अनावश्यक रूप से खाद का भंडारण न करे। सभी किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराए जाएं। विक्रेताओं को किसी एक व्यक्ति को बड़ी मात्रा में बिक्री करने के बजाय सभी किसानों को समान रूप से खाद उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। साथ ही खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए उड़नदस्तों द्वारा नियमित जांच अभियान चलाने पर जोर दिया।
बैठक में कृषि विकास अधिकारी वीरेंद्र राजपूत ने बताया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए जिले को कुल 1 लाख 10 हजार 100 मीट्रिक टन उर्वरक आवंटित किया गया है। वर्तमान में जिले में 1 लाख 4 हजार 332 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है। इसमें यूरिया, डीएपी, एमओपी, मिश्रित उर्वरक तथा एसएसपी का पर्याप्त स्टॉक शामिल है।
अब तक प्राप्त स्टॉक में से 64 हजार 252 मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हो चुकी है, जबकि 40 हजार 80 मीट्रिक टन उर्वरक शेष है। इसके अलावा बफर स्टॉक के रूप में यूरिया 3,000 मीट्रिक टन तथा डीएपी 800 मीट्रिक टन सुरक्षित रखा गया है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और खाद-बीज की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जाए।