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स्वातंत्र्यवीर सावरकर को भारत रत्न देने के प्रस्ताव में देरी क्यों? विधानसभा में सुधीर मुनगंटीवार का तीखा सवाल

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स्वातंत्र्यवीर सावरकर को भारत रत्न देने के प्रस्ताव में देरी क्यों? विधानसभा में सुधीर मुनगंटीवार का तीखा सवाल



आश्वासन पूरा नहीं होने पर विशेषाधिकार हनन की नोटिस, अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग


मुंबई, 23 जून।() स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर को मरणोपरांत भारत रत्न प्रदान करने के प्रस्ताव में हो रही देरी को लेकर विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने महाराष्ट्र विधानसभा में सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा सत्र में सरकार की ओर से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
विधानसभा में बोलते हुए मुनगंटीवार ने बताया कि 5 मार्च 2026 को स्वातंत्र्यवीर सावरकर को मरणोपरांत भारत रत्न देने संबंधी एक गैर-सरकारी प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत किया गया था। उस समय सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी देकर केंद्र सरकार को भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक वह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के दौरान कुछ अधिकारियों द्वारा प्रतिकूल टिप्पणियां दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। मुनगंटीवार ने कहा कि जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा और स्वतंत्रता संग्राम के लिए समर्पित किया, उनके सम्मान से जुड़े विषय पर प्रशासनिक स्तर पर नकारात्मक रवैया अपनाया जाना बेहद गंभीर मामला है।
मुनगंटीवार ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा की भावनाओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए केवल प्रस्ताव भेजना है, फिर भी यदि इसमें अनावश्यक देरी हो रही है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
अधिकारियों पर भी हो विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई
विशेषाधिकार हनन के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए मुनगंटीवार ने कहा कि यदि मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासन पूरे नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाता है। लेकिन कई मामलों में फाइलें प्रशासनिक स्तर पर रोकी जाती हैं या अनावश्यक विलंब किया जाता है। इसलिए भविष्य में ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई का प्रावधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार अधिकारियों के वेतन पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, इसलिए राष्ट्रहित, राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान से जुड़े मामलों में प्रशासन को संवेदनशील और जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए।
सावरकर का सम्मान राष्ट्र के गौरव का सम्मान
मुनगंटीवार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने घोषणा पत्र में स्वातंत्र्यवीर सावरकर को भारत रत्न देने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सावरकर को भारत रत्न प्रदान करना केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रभक्ति की परंपरा का सम्मान है।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मामले को आश्वासन समिति के पास भेजने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि आश्वासन पूरा करने में अनावश्यक देरी हुई है तो इस विषय को गंभीरता से लिया जाएगा।
मुनगंटीवार ने मांग की कि महाराष्ट्र विधानसभा की भावनाओं और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य सरकार तत्काल प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजे, ताकि स्वातंत्र्यवीर सावरकर को भारत रत्न प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

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