Home Breaking News थैलेसीमिया, सिकल सेल और हीमोफीलिया मरीजों के लिए विदर्भ के सभी जिला...

थैलेसीमिया, सिकल सेल और हीमोफीलिया मरीजों के लिए विदर्भ के सभी जिला अस्पतालों में NAT टेस्टिंग शुरू हो – हंसराज अहीर

59

थैलेसीमिया, सिकल सेल और हीमोफीलिया मरीजों के लिए विदर्भ के सभी जिला अस्पतालों में NAT टेस्टिंग शुरू हो – हंसराज अहीर



केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर उठाए स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे


चंद्रपुर/नई दिल्ली,() 23 जून। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष हंसराज अहीर ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से शिष्टाचार भेंट कर विदर्भ क्षेत्र से जुड़े स्वास्थ्य और जनकल्याण के विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. वी. पी. चौधरी, डॉ. जे. एस. अरोरा, डॉ. एन. के. मेहरा तथा श्यामल अहीर भी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान हंसराज अहीर ने थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और हीमोफीलिया जैसे गंभीर रक्त विकारों से पीड़ित मरीजों के लिए उपयोग में आने वाली जीवनरक्षक दवाओं को जीएसटी से मुक्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन दवाओं पर कर समाप्त होने से गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होगा।

अहीर ने थैलेसीमिया और हीमोफीलिया जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति समाज में व्यापक जनजागरूकता पैदा करने के लिए केंद्र सरकार से एक विशेष “राष्ट्रीय दिवस” घोषित करने की भी मांग की।

सभी ब्लड बैंकों में NAT टेस्टिंग लागू करने की मांग

बैठक में सुरक्षित रक्त संक्रमण सुनिश्चित करने के लिए देशभर की ब्लड बैंकों में NAT (न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग) प्रणाली लागू करने और उसके व्यापक विस्तार पर भी चर्चा हुई। अहीर ने कहा कि यह तकनीक रक्त के माध्यम से फैलने वाले संक्रमणों की समय रहते पहचान कर मरीजों को अधिक सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने में सहायक होगी।

विदर्भ के जिला अस्पतालों में NAT टेस्टिंग अनिवार्य करने की मांग

हंसराज अहीर ने विशेष रूप से चंद्रपुर, गड़चिरोली और यवतमाल जैसे जिलों में सिकल सेल रोगियों की बड़ी संख्या को देखते हुए विदर्भ के सभी जिला अस्पतालों में NAT टेस्टिंग अनिवार्य किए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इससे रक्त संक्रमण के जोखिम में कमी आएगी और मरीजों को बेहतर एवं सुरक्षित उपचार उपलब्ध हो सकेगा।

चंद्रपुर मेडिकल कॉलेज और ICMR केंद्र के दौरे का दिया निमंत्रण

अहीर ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को चंद्रपुर मेडिकल कॉलेज तथा चंद्रपुर स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) केंद्र के दौरे का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि इस दौरे से विदर्भ में सिकल सेल, थैलेसीमिया और हीमोफीलिया जैसे रोगों के अनुसंधान, उपचार और नियंत्रण कार्यक्रमों को नई गति मिलेगी।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि चंद्रपुर मेडिकल कॉलेज को मंजूरी उनके केंद्रीय कार्यकाल के दौरान मिली थी और अब स्वास्थ्य क्षेत्र को और अधिक मजबूत एवं जनोन्मुखी बनाने की आवश्यकता है।

केंद्रीय मंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा आवश्यक जानकारी प्राप्त कर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात विशेष रूप से विदर्भ में सिकल सेल नियंत्रण कार्यक्रम, रक्त विकारों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here