
चंद्रपुर में विश्व आदिवासी दिवस उत्साह के साथ मनाया गया
आदिवासी समाज ने एकजुट होकर अधिकारों और सुविधाओं से जुड़ी मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा
चंद्रपुर। प्रतिनिधि नितेश केराम। वीर बापूराव शेडमाके की स्मृति एवं विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार, 9 अगस्त को चंद्रपुर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर आदिवासी दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज की परंपरा, संस्कृति और ऐतिहासिक संघर्ष को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज देश की मूल सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सदियों से अपनी परंपराओं और संस्कृति को संजोए हुए आदिवासी समाज ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अधिकारों को लेकर एकजुटता का संदेश
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज के नागरिकों ने अपनी विभिन्न मांगों और अधिकारों को लेकर एकजुटता दिखाई। समाज की ओर से अपनी सुविधाओं, संवैधानिक अधिकारों तथा लंबित मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से आदिवासी समाज को शासन द्वारा दिए गए अधिकारों और सुविधाओं का प्रभावी लाभ दिलाने तथा संबंधित मांगों पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई।
वक्ताओं ने कहा कि संविधान ने आदिवासी समाज सहित वंचित एवं पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए विभिन्न प्रावधान किए हैं। इन संवैधानिक अधिकारों और सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना आवश्यक है।
संस्कृति और परंपरा को बचाने का संकल्प
इस अवसर पर उपस्थित आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति, भाषा, रीति-रिवाज और सामाजिक परंपराओं को संरक्षित रखने का संकल्प लिया। साथ ही आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक विरासत और अधिकारों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी समाज ने सामाजिक एकता, अधिकारों की रक्षा और विकास के लिए संगठित होकर कार्य करने का संदेश दिया।








