चंद्रपुर जिले में अवैध जल दोहन पर होगी सख्त कार्रवाई
पेयजल संकट से निपटने प्रशासन का बड़ा फैसला; अवैध पंप, मोटर और पाइपलाइन जब्त करने के आदेश
चंद्रपुर, 12 अक्टूबर। चंद्रपुर जिले में कम बारिश के कारण उत्पन्न सूखे की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने जलस्रोतों से होने वाले अवैध और अनियोजित जल दोहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। जलाशयों, नदियों, तालाबों, कोल्हापुरी बंधारों और नहरों से अवैध रूप से पानी निकालने वालों पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। इसके लिए प्रत्येक राजस्व मंडल स्तर पर उड़नदस्तों का गठन करने के निर्देश जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष वसुमना पंत ने दिए हैं।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध जलसंग्रहण को सुरक्षित रखना और जिले के नागरिकों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। आगामी दिनों में पानी की किल्लत उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी जलस्रोतों में उपलब्ध पानी का नियोजनबद्ध और मितव्ययी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
### राजस्व मंडल स्तर पर गठित होंगे उड़नदस्ते
जिलाधिकारी वसुमना पंत ने संबंधित विभागों को तत्काल उड़नदस्ते गठित कर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इन दस्तों में जलसंपदा विभाग, जल संरक्षण विभाग अथवा जिला परिषद के शाखा अभियंता समन्वयक के रूप में कार्य करेंगे। इसके अलावा महावितरण कंपनी के शाखा अभियंता, राजस्व विभाग के मंडल अधिकारी और पुलिस उपनिरीक्षक भी दस्ते में शामिल रहेंगे।
ये उड़नदस्ते अपने-अपने क्षेत्र में जलस्रोतों की नियमित जांच के साथ अचानक निरीक्षण भी करेंगे। जांच के दौरान अवैध जल दोहन के मामले सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
### अवैध पंप, मोटर और पाइपलाइन होंगी जब्त
जलाशयों, बांधों, नदियों, तालाबों, नहरों और अन्य जलस्रोतों से अवैध रूप से पानी निकालने की शिकायत मिलने पर संबंधित स्थान पर तत्काल जांच की जाएगी। अवैध जल दोहन में इस्तेमाल होने वाले पंप, मोटर, पाइपलाइन और अन्य उपकरणों की जांच कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जलस्रोतों से अनधिकृत तरीके से पानी निकालने की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।
हर सोमवार जिलाधिकारी कार्यालय को देनी होगी रिपोर्ट
संबंधित विभागों को नियमित और अचानक की गई जांच, सामने आए अवैध जल दोहन के मामलों तथा की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रत्येक सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। इससे कार्रवाई की नियमित निगरानी की जा सकेगी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बना रहेगा।
पेयजल आपूर्ति प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिले में सूखे की स्थिति को देखते हुए उपलब्ध जलसंग्रहण का संरक्षण और नागरिकों को पीने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी वसुमना पंत ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने देने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन के इस फैसले से जलस्रोतों के अवैध दोहन पर अंकुश लगाने और आगामी दिनों में संभावित पेयजल संकट से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की उम्मीद है।










