पुलिस–महसूल–राजनीति का गठजोड़, इनफार्मर की मदद से रातों-रात लूट
वणी :
शिरपुर तहसील के शिवणी जहांगीर गांव में निरगुडा नदी से चल रही अवैध रेत तस्करी अब सिर्फ गैरकानूनी कारोबार नहीं, बल्कि संगठित माफिया सिस्टम का रूप ले चुकी है। यह तस्करी पुलिस, महसूल अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव ही नहीं है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हर रात आधे दर्जन से अधिक ट्रैक्टर निरगुडा नदी घाट से अवैध रेत ढोते हैं। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल पुलिस इनफार्मर की मदद से संचालित किया जा रहा है।
👉 जैसे ही किसी कार्रवाई की भनक लगती है,
👉 इनफार्मर तस्करों को पहले ही सतर्क कर देता है,
👉 नतीजा – मौके पर पहुंचने से पहले ही ट्रैक्टर गायब!
पुलिस–महसूल की मौन सहमति या खुली मिलीभगत?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब रात भर ट्रैक्टर दौड़ते हैं, जेसीबी मशीनें चलती हैं, खेतों के बीच रास्ते बनाए जाते हैं —
तो पुलिस गश्त कहां रहती है?
महसूल अधिकारी आंखें बंद कर क्यों बैठे हैं?
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि रेत तस्करों से महीने की सेटिंग तय है
प्रति ट्रैक्टर फिक्स हिस्सा ऊपर तक पहुंचाया जा रहा है।
इसलिए कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है
राजनीतिक संरक्षण में फल-फूल रहा रेत माफिया
इस पूरे अवैध धंधे में शिवणी जहांगीर गांव के कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े नेता और ग्राम पंचायत से जुड़े पदाधिकारी खुलेआम शामिल बताए जा रहे हैं।
राजनीतिक दबाव के चलते न तो ट्रैक्टर जब्त हो रहे हैं,
न ही जेसीबी मशीनों पर कार्रवाई हो रही है।
किसानों की जमीन उजाड़ी, फसल बर्बाद
रेत माफियाओं ने हद पार करते हुए
👉 खेतों और खड़ी फसलों के बीच से जबरन रास्ते बनाए,
👉 जेसीबी मशीन से जमीन को तहस-नहस कर दिया,
👉 किसानों की सालों की मेहनत पर बुलडोजर चला दिया।रात ट्रैक्टर कि कडकडाहट से किसानो कि नींद हराम हो रही है।
निरगुडा नदी घाट से अब तक सैकड़ों ब्रास रेत की तस्करी हो चुकी है, जिससे शासन को लाखों नहीं, करोड़ों रुपये के महसूल का नुकसान हुआ है।
अब सवाल सीधे प्रशासन से
क्या पुलिस के इनफार्मर तस्करों के लिए काम कर रहे हैं?
क्या महसूल विभाग राजनीतिक दबाव में मूकदर्शक बना है?
क्या यह रेत तस्करी प्रशासन की शह पर चल रही है?
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों और किसानों ने मांग की है कि
इनफार्मर सिस्टम की जांच हो
पुलिस–महसूल अधिकारियों की संपत्ति की जांच हो
तस्करों के राजनीतिक आकाओं को बेनकाब किया जाए
और पूरे मामले की उच्चस्तरीय विजिलेंस / CBI जांच कराई जाए।
यदि अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो शिवणी जहांगीर के नागरिक आंदोलन और सड़क पर उतरने की चेतावनी दे रहे हैं।