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शिवणी जागीर बना रेत माफिया का गढ़!

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शिवणी जागीर बना रेत माफिया का गढ़!



कलेक्टर–एसपी की नाक के नीचे स्नेहल–सुधाकर–गजु का अवैध साम्राज्य


घुग्घुस | वणी तालुका (जि. यवतमाल)
वणी तालुका के शिरपुर पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवणी जागीर गांव में निरगुडा नदी घाट पर चल रही अवैध रेत तस्करी अब प्रशासन के लिए सीधी चुनौती बन चुकी है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि स्नेहल, सुधाकर और गजु की तिकड़ी ने पूरे नदी घाट को अपनी निजी जागीर बना लिया है और यह सब कुछ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) की नाक के नीचे खुलेआम चल रहा है।

रात होते ही कानून सो जाता है, तस्करी जाग जाती है
बीते कई महीनों से हर रात आधा दर्जन से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियां निरगुडा नदी का सीना चीरते हुए अवैध रेत ढो रही हैं।

जेसीबी मशीनों से—
खेतों की खड़ी फसल रौंदी जा रही है
बड़े-बड़े मिट्टी के टीले और चट्टानें हटाई जा रही हैं
नदी घाट तक जबरन रास्ते बनाए जा रहे हैं
क्या यह सब कलेक्टर और एसपी की जानकारी के बिना संभव है?
यही सवाल आज हर गांववासी पूछ रहा है।
श्मशान भूमि और पुल के पास से चोरी, पुलिस को खबर तक नहीं?
रेत तस्करी निरगुडा नदी पुल के बाजू और श्मशान भूमि परिसर से धड़ल्ले से की जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि—
गांव के चौराहों और गलियों में मुखबिर तैनात हैं
पुलिस या अधिकारियों की आहट मिलते ही तस्करों को तुरंत सूचना दे दी जाती है
यह पूरा खेल महसूल और शिरपुर पुलिस की तगड़ी सेटिंग से चल रहा है
फिर सवाल उठता है—
👉 अगर सेटिंग नहीं है, तो कार्रवाई क्यों नहीं?
किसानों पर जुल्म, प्रशासन मौन क्यों?
ग्रामीणों के अनुसार, किसानों को डरा-धमकाकर उनकी ही जमीन और फसल के ऊपर से—
जेसीबी,ट्रैक्टर-ट्रॉलियां,चलवाई जा रही हैं।
किसानों की फसल बर्बाद हो रही है, लेकिन महसूल विभाग की आंखें बंद हैं।

बे-नामी ट्रैक्टर, फर्जी कागजात – फिर भी खामोशी
बताया जा रहा है कि तस्करी में इस्तेमाल हो रहे ट्रैक्टर
👉 किसी और के नाम पर पंजीकृत हैं
👉 तस्करी कोई और कर रहा है
यह साफ संकेत है कि यह संगठित माफिया नेटवर्क है।
फिर भी
❓ महसूल विभाग जांच क्यों नहीं कर रहा?
❓ आरटीओ और पुलिस क्या कर रही है?
सीधा सवाल कलेक्टर और एसपी से
क्या कलेक्टर को यह अवैध रेत तस्करी दिखाई नहीं दे रही?
क्या एसपी को शिरपुर पुलिस की भूमिका पर संदेह नहीं?
क्या महसूल विभाग केवल कागजों तक सीमित रह गया है?
यदि सब कुछ पता होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही, तो
👉 यह लापरवाही नहीं, संरक्षण है।
ग्रामीणों की अंतिम चेतावनी।

ग्रामीणों और किसानों की मांग
🔴 तत्काल विशेष छापेमारी दल बनाकर कार्रवाई हो
🔴 सभी जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त हों
🔴 स्नेहल–सुधाकर–गजु पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हो
🔴 शिरपुर पुलिस और महसूल अधिकारियों की विभागीय जांच हो
🔴 किसानों को नुकसान भरपाई दी जाए
आंदोलन तय, जिम्मेदारी प्रशासन की

ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है
👉 यदि कलेक्टर और एसपी ने अब भी आंखें मूंदे रखीं, तो शिवणी जागीर में उग्र जन आंदोलन होगा।
👉 जिसकी पूरी जवाबदेही जिला प्रशासन और पुलिस की होगी।

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