80% काला डस्ट, 20% कोयला – CBI जांच की मांग, प्रशासन कठघरे में
घुग्घुस (जि. चंद्रपुर)
चंद्रपुर जिले के घुग्घुस–उसगांव क्षेत्र में स्थित महामिनरल माइनिंग एंड बेनिफिकेशन प्रा. लि. की कोलवॉशरी से जुड़ा कोयला घोटाला अब महाघोटाले का रूप लेता जा रहा है। वॉशकोल के नाम पर भारी स्तर पर मिलावटी कोयले की सप्लाई, काला डस्ट, चारकोल और अवैध परिवहन के इस पूरे खेल ने प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण मंडल और संबंधित विभागों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय नागरिकों और किसानों का आरोप है कि यहां से 80 प्रतिशत काला डस्ट और केवल 20 प्रतिशत कोयले का मिश्रण तैयार कर तडाली रेलवे साइडिंग के जरिए नागपुर कोराडि,महाजेनको को बिजली उत्पादन के लिए भेजा जा रहा है, जबकि उत्तम दर्जे का कोयला खुले बाजार और अन्य जिलों में काले बाजार के माध्यम से बेचा जा रहा है।
किसानों की खेती पर कहर, पर्यावरण की खुली हत्या
इस अवैध कारोबार के चलते क्षेत्र में भीषण प्रदूषण फैल चुका है।
दिनदहाड़े ट्रकों से काले डस्ट और वेस्ट मटेरियल की खुलेआम ढुलाई हो रही है—
खेतों में काला डस्ट और गंदा पानी जमा फसलें बर्बाद मिट्टी की उपजाऊ क्षमता खत्म
किसानों की रोज़ी-रोटी पर सीधा हमला
किसानों का आरोप है कि यह सिर्फ प्रदूषण नहीं, बल्कि सुनियोजित पर्यावरणीय अपराध है।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल मौन क्यों? ‘लक्ष्मी दर्शन’ का संदेह गहराया
इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस खुलेआम अवैध खेल पर
👉 प्रदूषण नियंत्रण मंडल,
👉 जिला प्रशासन,
👉 राजस्व और खनिज विभाग
की चुप्पी अब संदेह के घेरे में है।
स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि—
क्या अधिकारी जानबूझकर आंख मूंदे बैठे हैं?
या फिर करोड़ों के इस खेल में हिस्सेदारी के कारण कार्रवाई से बचा जा रहा है?
लॉयड्स मेटल से काला डस्ट, महामिनरल परिसर में भंडारण रोज रात दिन लाखों टन से होता है।
सूत्रों के अनुसार—
लॉयड्स मेटल कंपनी से ट्रकों द्वारा काला डस्ट लाया जाता है
इसे महामिनरल पावर प्लांट की जमीन पर अवैध रूप से जमा किया जाता है
फिर कोयले में मिलावट कर भेसळयुक्त कोयला तैयार किया जाता है।
जिसे सीधे नागपुर कोराडी,महाजेनको को सप्लाई किया जाता है।
यह पूरा नेटवर्क पर्यावरण कानून, खनिज अधिनियम और औद्योगिक नियमों का घोर उल्लंघन है।
अब CBI जांच की बुलंद मांग
स्थानीय नागरिकों, किसानों और सामाजिक संगठनों ने एक स्वर में मांग की है कि—
🔴 इस पूरे कोयला घोटाले की CBI जांच कराई जाए
🔴 प्रदूषण नियंत्रण मंडल, वॉशरी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच हो।
🔴 रेलवे साइडिंग, परिवहन, स्टॉक और सप्लाई चेन की फॉरेंसिक ऑडिट कराई जाए
🔴 महाजेनको को भेजे गए कोयले की गुणवत्ता रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए
सख्त कार्रवाई की मांग।
नागरिकों की प्रमुख मांगें—
✅ संबंधित कोलवॉशरी का लाइसेंस तत्काल रद्द किया जाए
✅ मिलावट, काला बाजार, पर्यावरण प्रदूषण के मामलों में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हो
✅ किसानों को तुरंत मुआवज़ा दिया जाए
✅ दोषी अधिकारियों पर निलंबन और आपराधिक कार्रवाई हो
आंदोलन की चेतावनी – अब आर-पार की लड़ाई
क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश है।
स्थानीय नागरिकों और किसानों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है—
👉 यदि CBI जांच और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो घुग्घुस–उसगांव क्षेत्र में तीव्र जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।
👉 जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।