चंद्रपुर जिला के बल्लारपुर शहर मे
मानवता को झकझोर देने वाली एक वारदात सामने आया।
शहर से अप-व्यापार (बच्चों की खरीद-फरोख्त) के इरादे से अपहृत 3 वर्षीय *मासूम को महज़ 20 घंटे के भीतर बडी सफलता हासिल हुई।
इस साहसिक कार्रवाई को बड़े तरीके से अंजाम दिया जिसे चंद्रपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है।
बीते महीने मामले मे बताया जा रहा है कि घटना 28 फरवरी 2026 को 27 वर्षीय महिला ने बल्लारपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि वह और उसका परिवार बल्लारपुर रेलवे स्टेशन परिसर में रहकर कचरा बीनकर जीविकोपार्जन करते हैं।
27 फरवरी की रात परिवार स्टेशन के सामने खुले मैदान में सोया था। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके 3 साल के बेटे का अपहरण कर लिया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने अपराध क्रमांक 323/2026, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया।
अपहरण मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन के निर्देश मिलते ही स्थानीय अपराध शाखा चंद्रपुर और बल्लारपुर पुलिस की 7 विशेष टीमें गठित की गईं।
100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।
एक सतर्क स्थानीय नागरिक की सूचना ने जांच को नई दिशा दी जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी तेलंगाना राज्य के मंचेरियल से बल्लारपुर आए थे और बच्चे पर पहले से नजर रखे हुए थे।
पुरे जांच करने बाद 3.5 लाख में मासूम की बिक्री करने का मामला
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ने बच्चे का अपहरण कर उसे चारपहिया वाहन से तेलंगाना ले जाकर 3,50,000 रुपये में बेच दिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी मे
ऐलक्का रायसिंग बुद्दे (60 वर्ष)
रानी विनोदकुमार पसनोटी (30 वर्ष)
संगीता व्यंकटेश पानंगणती (40 वर्ष)
सातक्का चंद्रया करेरे (50 वर्ष)
लावण्या कुमारस्वामी कोणा (34 वर्ष)
सभी आरोपी तेलंगाना राज्य के मंचेरियल क्षेत्र की निवासी हैं। दो अन्य पुरुष आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
तेलंगाना पुलिस के सहयोग से सभी महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और मासूम बच्चे को सुरक्षित बरामद कर माता-पिता को सौंप दिया गया।
क्या और भी बच्चे इस गिरोह के शिकार?
पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह अन्य राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका हो सकता है। इस एंगल से जांच जारी है।
“ऑपरेशन मुस्कान” के तहत बड़ी सफलता ऑपरेशन मुस्कान के तहत यह कार्रवाई की गई। यह केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त अभियान है, जिसका उद्देश्य लापता और अपहृत बच्चों की खोज और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है।