चंद्रपुर में रेत माफिया पर बड़ी कार्रवाई: बामर्डा रेत घाट हत्या मामले में गिरोह पर मकोका लगाया।
चंद्रपुर |
चंद्रपुर जिले के वरोरा तहसील, पुलिस थाना अंतर्गत बामर्डा रेती घाट में पैसों के विवाद को लेकर हुई हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए रेत माफिया गिरोह के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक Mummaka Sudarshan के मार्गदर्शन में की गई है।
पैसों के विवाद में हुई हत्या
पुलिस के अनुसार १ मार्च २०२६ को शिकायतकर्ता पंकज वानखेड़े ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बामरदा रेत घाट पर रेत के पैसों को लेकर विवाद हुआ।
आरोप है कि आरोपियों ने पोकलैंड मशीन को रोककर घाट से बाहर निकलने का रास्ता बंद कर दिया और तलवार व लकड़ी के डंडों से हमला कर भरत दयानंद नागपाल की बेरहमी से पिटाई की।
हमले के दौरान आरोपियों ने तलवार से वार करने के बाद उन्हें नदी के गहरे पानी में फेंक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
वाहनों को जलाने की भी कोशिश
घटना के दौरान आरोपियों ने शिकायतकर्ता और उसके साथ मौजूद लोगों के साथ भी मारपीट की।
साथ ही उनके वाहनों में तोड़फोड़ की और डीजल डालकर वाहनों को जलाने का प्रयास किया। इस मामले में पहले भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
१२ आरोपियों की तगिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने कुल १२ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें प्रमुख रूप से,अमोल रामचंद्र कामडी,
सौरभ दिलीपसिंह,अक्षय विजयराव खडसे,उदय भास्कर वांडिले,नितिन यशवंत कामडी,अजय उर्फ गोलूदीपसिंह इरपा,प्रकाश शंकर कसारे,प्रवीण कावडूजी वासेकर,गीतेश वसंतराव सातपुते,प्रफुल्ल सूर्यभान उमाटे,
सुनील नारायणराव झोरे और
अतुल पुरुषोत्तम मोटघरे शामिल हैं।
संगठित अपराध के तहत कड़ी कार्रवाई
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध रेत चोरी, अवैध परिवहन, जुआ और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और आर्थिक लाभ के लिए अवैध गतिविधियां चला रहे थे।
इसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम १९९९ की धारा ३(१), ३(२), ३(३) और ३(४) के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया।
पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
इस कार्रवाई को निम्न अधिकारियों के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया:
पुलिस अधीक्षक Mummaka Sudarshan ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Ishwar Katakde
पुलिस उपाधीक्षक Santosh Bakal
पुलिस निरीक्षक Omprakash Sonatakke साथ ही स्थानीय अपराध शाखा और पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों ने भी इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।