“कोल डिपो का काला ज़हर बना नागाला गांव की मौत का फरमान… अब आर-पार की लड़ाई!”
घुग्घुस |
घुग्घुस : मौजा नागाला (सी.) में धधकता कोल डिपो अब पूरे गांव के लिए मौत का कारखाना बन चुका है। कोयले की जहरीली धूल और आसमान को निगलता काला धुआं गांववासियों की सांसों पर हमला कर रहा है। किसान, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग हर दिन बीमारी, प्रदूषण और प्रशासनिक लापरवाही की आग में झुलस रहे हैं।
गांववासियों का आरोप है कि कई बार प्रशासन के दरवाजे खटखटाए गए, शिकायतें दी गईं, आंदोलन की चेतावनी दी गई, लेकिन अधिकारियों ने सबकुछ जानते हुए भी आंखें बंद कर लीं। अब ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है।
खेत उजड़े… सांसें जहरीली… प्रशासन बना तमाशबीन!
कोल डिपो से उड़ती कोयले की राख ने किसानों की मेहनत पर कालिख पोत दी है। खेतों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, पेड़-पौधे सूख रहे हैं और गांव का वातावरण जहरीला बनता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार फैल रहे प्रदूषण से सांस की बीमारियां, त्वचा रोग और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लेकिन प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग अब तक सिर्फ कागजी खानापूर्ति में व्यस्त हैं।
शेतरस्ते बंद… किसानों को अपने ही खेत तक पहुंचने की जंग!
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के पुराने शेतरस्तों को भी बंद कर दिया गया है। हालत यह है कि किसानों को अपने खेत तक जाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। बार-बार निवेदन देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
अब गांव में एक ही सवाल गूंज रहा है —
“क्या प्रशासन नागाला गांव को धीरे-धीरे मौत के मुंह में धकेल रहा है?”
20 मई को नागाला गांव का विस्फोटक इशारा — “अब होगा रास्ता रोको आंदोलन!”
प्रशासन की चुप्पी और कोल डिपो के खिलाफ नागाला गांव के समस्त ग्रामस्थ बुधवार, 20 मई 2026 को उग्र रास्ता रोको आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था बिगड़ती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
संबंधित अधिकारी को निवेदन सौंपकर मांग कि गई।
पुलिस अधीक्षक, चंद्रपुर
महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल, चंद्रपुर
तहसीलदार, चंद्रपुर
तालुका कृषि अधिकारी, चंद्रपुर
“अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा… तो सड़क से लेकर कार्यालय तक होगा जनआक्रोश का विस्फोट!”