गुटखा माफियाओं पर पुलिस का मिनी मोक्का’, तीन जिलों में फैला था अवैध नेटवर्क
वसीम झिमरी और जयसुखलाल ठक्कर गिरोह पर संगठित अपराध की कार्रवाई, गुटखा तस्करों में मचा हड़कंप
चंद्रपुर।)
प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और सुगंधित तंबाकू के अवैध कारोबार के खिलाफ चंद्रपुर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए दो कुख्यात गुटखा माफिया गिरोहों पर शिकंजा कस दिया है। रामनगर पुलिस ने संगठित रूप से अपराध करने वाले दो बड़े गिरोहों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 111 के तहत कार्रवाई की है, जिसे आम भाषा में “मिनी मोक्का” माना जा रहा है।
इस कार्रवाई के बाद चंद्रपुर समेत आसपास के जिलों में सक्रिय गुटखा तस्करों में भारी हड़कंप मच गया है।
पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में गिरोह सरगना वसीम अख्तर झिमरी (घुटकाला वार्ड, चंद्रपुर), सिद्धांत माधव गोंडाणे, मो. अखिल शकील शेख तथा दूसरे गिरोह के प्रमुख जयसुखलाल अंबाराम ठक्कर (विवेकानंद वार्ड, बल्लारपुर) और अजयकुमार विजयकुमार गुंडोजवार को संगठित अपराध के दायरे में लाया गया है।
केवल गुटखा बिक्री नहीं, संगठित अपराध का पूरा नेटवर्क
रामनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज प्रकरण की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी केवल प्रतिबंधित गुटखा बेचने तक सीमित नहीं थे, बल्कि उन्होंने इसके लिए एक संगठित आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर रखा था। यह गिरोह बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की अवैध खरीद-फरोख्त, भंडारण और अंतरजिला परिवहन में लिप्त था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी छिपे तौर पर कारोबार चलाकर लाखों रुपये का अवैध मुनाफा कमा रहे थे और लगातार कानून को चुनौती दे रहे थे।
तीन जिलों में फैला था गुटखा माफियाओं का साम्राज्य
जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि इन गिरोहों की जड़ें केवल चंद्रपुर तक सीमित नहीं थीं। गिरोह के सदस्यों और सरगनाओं के खिलाफ चंद्रपुर, वर्धा और गड़चिरोली जिलों के विभिन्न पुलिस थानों में पहले से ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, भारतीय दंड संहिता और भारतीय न्याय संहिता के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
बार-बार कार्रवाई और मुकदमों के बावजूद आरोपी अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आ रहे थे। आखिरकार पुलिस ने उन्हें संगठित अपराधी मानते हुए धारा 111 के तहत कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया।
पुलिस की सख्त चेतावनी
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकड़े, एसडीपीओ प्रमोद चौगुले तथा रामनगर पुलिस स्टेशन की पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुरके के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में एपीआई सचिन राखोंडे, पीएसआई हिराचंद गव्हारे सहित पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में गुटखा माफियाओं के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे प्रतिबंधित तंबाकू कारोबार के पूरे नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और अवैध धंधों में लिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश गया है कि कानून का शिकंजा अब और अधिक सख्त होने वाला है।