सोनम वांगचुक के समर्थन में चंद्रपुर में मनसे का आंदोलन
पुलिस ने पदाधिकारियों को हिरासत में लिया
बिना अनुमति धरना देने पर रामनगर पुलिस की कार्रवाई, नोटिस देकर छोड़ा गया; अनुमति लेकर दोबारा आंदोलन करने की घोषणा
चंद्रपुर | 22 जुलाई
दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) द्वारा चंद्रपुर में शुरू किए गए आंदोलन को पुलिस ने रोक दिया। बिना अनुमति आंदोलन किए जाने का हवाला देते हुए रामनगर पुलिस ने मनसे पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचाया, जहां बाद में नोटिस देकर उन्हें छोड़ दिया गया।
मनसे कामगार सेना के जिलाध्यक्ष अमन अंधेवार के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में शांतिपूर्ण धरना और उपोषण आंदोलन शुरू किया गया था। आंदोलनकारियों का कहना था कि वे संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत प्राप्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का उपयोग करते हुए दिल्ली में चल रहे आंदोलन को नैतिक समर्थन दे रहे थे।
मनसे ने केंद्र सरकार से नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने की बात कही। आंदोलन में बड़ी संख्या में कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना थी। जानकारी के अनुसार चंद्रपुर न्यायालय के कुछ अधिवक्ता भी प्रतीकात्मक रूप से आंदोलन में शामिल होने वाले थे।
हालांकि, पुलिस ने आंदोलन के लिए पूर्व अनुमति नहीं होने का कारण बताते हुए धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन रोक दिया और मनसे पदाधिकारियों को हिरासत में लिया। बाद में नोटिस जारी कर सभी को रिहा कर दिया गया।
इस दौरान मनसे कामगार सेना जिलाध्यक्ष अमन अंधेवार, उपजिलाध्यक्ष राजू कुकड़े, मनसे जनहित जिलाध्यक्ष रमेश कालबांधे, सुनील गुढे, शहर अध्यक्ष पियूष धुपे सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मनसे पदाधिकारियों ने कहा कि फिलहाल आंदोलन को स्थगित किया गया है, लेकिन आवश्यक अनुमति प्राप्त कर जल्द ही दोबारा आंदोलन किया जाएगा।