
एक नंबर, दो ट्रक और एक ही ई-टीपी!
चंद्रपुर में कथित फर्जीवाड़े से रेत तस्करी का खुलासा; पुलिस ने दो हाईवे जब्त कर 3 आरोपियों पर मामला दर्ज किया
चंद्रपुर | प्रतिनिधि
रेत के अवैध परिवहन पर कार्रवाई के दौरान चंद्रपुर पुलिस के हाथ एक ऐसा मामला लगा, जिसने पूरे रेत कारोबार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर और एक ही ई-टीपी नंबर का इस्तेमाल कर दो अलग-अलग ट्रकों से रेत परिवहन किए जाने का मामला सामने आया है।
रामनगर पुलिस, स्थानीय अपराध शाखा और भद्रावती पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दोनों वाहनों को पकड़ लिया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
नाकाबंदी देख ट्रक चालक ने बढ़ाई रफ्तार
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मुल-चंद्रपुर मार्ग पर एक ही नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर दो वाहन रेत का परिवहन कर रहे हैं। सूचना के आधार पर रामनगर पुलिस ने नागपुर मार्ग पर नाकाबंदी की।
रात करीब 3 बजे पुलिस ने एक संदिग्ध 12 पहिया ट्रक को रोकने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसे नागपुर की दिशा में तेज गति से दौड़ा दिया। पुलिस टीम ने पीछा किया और भद्रावती पुलिस की मदद से घोड़पेठ क्षेत्र में वाहन को रोककर कब्जे में लिया।
इसी दौरान नाकाबंदी स्थल पर एक अन्य 16 पहिया ट्रक भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
जांच में खुला बड़ा राज
दोनों ट्रकों की जांच की गई तो पुलिस भी हैरान रह गई। अलग-अलग वाहनों पर एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर MH-34-BZ-8114 पाया गया।
इतना ही नहीं, रेत परिवहन के दस्तावेजों की जांच में दोनों वाहनों के लिए एक ही ई-टीपी नंबर 33198347 इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई।
पुलिस के अनुसार, प्रथमदृष्टया यह मामला फर्जी नंबर प्लेट और ई-टीपी के जरिए अवैध रेत परिवहन एवं सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा दिखाई दे रहा है।
तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
मामले में पुलिस ने—
- स्वप्निल सुरेश कबाड़े (37), वर्धा — 16 पहिया ट्रक चालक
- रामकेश राजेश केवट (20), मध्य प्रदेश — 12 पहिया ट्रक चालक
- रोहन चाफला, खंबाला, वरोरा — वाहन मालिक
के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले की आगे जांच शुरू कर दी है।
रेत तस्करी के नेटवर्क पर उठे सवाल
एक ही नंबर प्लेट पर दो अलग-अलग ट्रकों का चलना और दोनों वाहनों के लिए एक ही ई-टीपी का इस्तेमाल होना अपने आप में गंभीर मामला है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि रेत परिवहन के दस्तावेजों और वाहनों की निगरानी व्यवस्था में आखिर सेंध कहां से लगी?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े के पीछे सिर्फ वाहन चालक और मालिक हैं या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
संयुक्त पुलिस कार्रवाई से मचा हड़कंप
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कटकाडे, स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक अमोल कचोरे तथा रामनगर थाना प्रभारी प्रभावती एकुरके के मार्गदर्शन में की गई।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अवैध रेत परिवहन से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि एक ही नंबर और एक ही ई-टीपी के पीछे कितने लोगों का नेटवर्क सक्रिय था और सरकारी राजस्व को कितना नुकसान पहुंचाया गया।










